पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर काउंटिंग, BJP के देबांग्शु चल रहे आगे

पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर काउंटिंग, BJP के देबांग्शु चल रहे आगे

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर रविवार को मतगणना चल रही है। दोपहर 12 बजे तक 9 राउंड की गिनती पूरी हो गई। इसके आधार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के देबांग्शु 34 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं। वहीं, चुनाव से पीछे हटने वाले TMC के जहांगीर चौथे नंबर पर हैं। अभी तक की गिनती के मुताबिक, उन्हें 2902 वोट मिले हैं।

फालता सीट पर कुल 21 राउंड की काउंटिंग होगी। यहां 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया था। रीपोलिंग में वोटिंग करीब 2% बढ़ गई। चुनाव आयोग के मुताबिक, यहां 88.13% मतदान हुआ। इससे पहले, 29 अप्रैल को इसी सीट पर 86.71% मतदान हुआ था।

टीएमसी और भाजपा के बीच मुकाबला

फालता में मुकाबला TMC और भाजपा के बीच है। आधिकारिक तौर पर इस सीट के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने दोबारा मतदान से कुछ दिन पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, उनकी ओर से ये बात लिखित में दिए जाने की सूचना नहीं है। रीपोलिंग के दौरान EVM में उनका नाम और सिंबल मौजूद था।

फालता में दोबारा वोटिंग क्यों हुई, क्या आरोप लगे थे?

29 अप्रैल को मतदान के बाद फालता क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। उस दिन कई बूथों से शिकायतें मिली थीं कि EVM पर भाजपा के सिंबल पर टेप चिपकाया गया। तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने खुद निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया और जांच-पड़ताल की। कम से कम 60 बूथों में छेड़छाड़ के सबूत मिले।

ईवीएम में कथित हेरफेर के अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों में फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिशें की गई थीं।

फालता में आज तक नहीं जीती भाजपा, तीन बार से TMC का कब्जा

फालता विधानसभा सीट पहले CPI(M) का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन अब यह तृणमूल कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र बन चुकी है। TMC ने पहली बार 2001 में यह सीट जीती थी। 2006 में CPI(M) ने वापसी की, लेकिन 2011 के बाद से TMC लगातार यहां जीत दर्ज कर रही है। खास बात यह है कि बीजेपी अब तक इस सीट पर कभी जीत नहीं सकी।

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