जबलपुर क्रूज हादसा: चौथे दिन मिले चाचा-भतीजे के शव, अब मृतकों की संख्या हुई 13

जबलपुर क्रूज हादसा: चौथे दिन मिले चाचा-भतीजे के शव, अब मृतकों की संख्या हुई 13

जबलपुर: मध्‍य प्रदेश में जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में रविवार सुबह 9.40 बजे लापता कामराज आर. का शव निकाला गया। इससे पहले सुबह करीब 6 बजे उनके आठ साल के भतीजे मयूरन की डेडबॉडी मिली थी। वह त्रिची (तमिलनाडु) से आया था। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

इससे पहले शनिवार शाम 6 बजे दो बच्चों के शव मिले थे। इनमें से एक की पहचान श्रीतमिल पिता कामराज (5) और दूसरे की विराज पिता कृष्ण सोनी (5) के रूप में हुई थी। मृतकों में चार बच्चे और आठ महिलाएं शामिल हैं। सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि एहतियात के तौर पर आज दिन भर सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा।

शाम 5 बजे तेज हवा में पलटा था क्रूज

30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया था। उसमें करीब 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ था। उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा थी।

कार्गो विमान से तमिलनाडु भेजे गए शव

बरगी क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के पर्यटकों के शव उनके गृह राज्य भेजे गए। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से कार्गो विमान के जरिए शवों को त्रिची रवाना किया गया। शुरुआत में तकनीकी कारणों से एक कार्गो विमान में दिक्कत आई, जिसके बाद शवों को दूसरे विमान से भेजा गया।

मृतकों के परिजन भी साथ में रवाना हुए हैं। प्रशासन की ओर से अन्य शवों को भी उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

बवंडर को बताया हादसे की वजह

एमपी टूरिज्म के सलाहकार कमांडर राजेंद्र निगम के अनुसार, बरगी डैम हादसा अचानक आए मिनी बवंडर और तेज लहरों के कारण हुआ। उनका कहना है कि ऊंची लहरों से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह पलट गया।

हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल अब भी अनसुलझा है कि जब मौसम विभाग ने पहले ही येलो अलर्ट जारी कर दिया था तो फिर क्रूज का संचालन क्यों नहीं रोका गया? यह भी स्पष्ट नहीं है कि खराब मौसम के दौरान किसी तरह की रियल-टाइम मॉनिटरिंग या अलर्ट सिस्टम मौजूद था या नहीं।

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