Lucknow: राजधानी में उस वक्त सियासी माहौल गरमा गया, जब सपा कार्यकर्ताओं ने महापौर सुषमा खरकवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया। दरअसल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि अखिलेश को जिस मां ने पैदा किया, उन्होंने उनका अपमान किया है। मेयर के बयान पर खुद अखिलेश ने इसे सीधे अपनी मां का अपमान बताया और इसी को लेकर सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान मेयर के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। विवाद बढ़ने पर मेयर सुषमा खर्कवाल ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि उनका इशारा किसी एक व्यक्ति की मां की तरफ नहीं था, बल्कि महिलाओं के सम्मान को लेकर था। महापौर ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि जिन नेताओं के घर में मां, बहन और बेटी हैं, उन्हें महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए।
#WATCH लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मेयर सुषमा खरकवाल ने अखिलेश यादव की दिवंगत मां पर अपनी टिप्पणी को लेकर हुए विवाद पर कहा, "मैंने यह कहा था कि हमारी आधी आबादी महिलाओं की है लेकिन अखिलेश जी और राहुल जी, जिनकी अपनी मां, बहन और बेटी हैं, ने महिलाओं का अपमान किया…यह देश हमारी मां… pic.twitter.com/yDphyUrV5j
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2026
वहीं, इस पूरे मामले पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी की मां का अपमान भारतीय समाज में कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। अखिलेश ने लिखा कि एक महिला होकर दूसरी महिला का अपमान करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और राजनीति में इस तरह की भाषा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अखिलेश ने कहा कि राजनीतिक मजबूरी में किसी की दिवंगत मां का नाम घसीटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने मेयर को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति में मर्यादा और संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
