Purvanchal Expressway: भारतीय वायुसेना ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बड़ा युद्धाभ्यास किया। यह अभ्यास अखलीकिरी करवत गांव के पास स्थित 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप पर हुआ। इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में हाईवे को रनवे के रूप में उपयोग करने की क्षमता को परखना है। एयर शो में कई प्रमुख विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें सुखोई-30 MKI, जगुआर, मिराज-2000 और तेजस जैसे फाइटर जेट शामिल रहे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे का 12 किलोमीटर का हिस्सा सील कर दिया। ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया है। यह अभ्यास वायुसेना की तैयारी को दर्शाता है।
#WATCH | Uttar Pradesh | Jaguar fighter jet lands on Purvanchal Expressway in Sultanpur as Indian Air Force (IAF) conducts takeoff and landing practice. pic.twitter.com/esxMisSPvS
— ANI (@ANI) April 22, 2026
राफेल, मिराज का टेकऑफ और लैंडिंग
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू विमानों का शुरू हुए एयर शो सबसे पहले वायु सेना के सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने एक्सप्रेस- रनवे पर लैंडिंग की फिर जगुआर ने उड़ान भरी। सुखोई, मिराज और तेजस के 9 फाइटर जेट्स ने टेकऑफ और लैंडिंग की। शो देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रहे।बता दें कि इससे पहले जून 2023 में यह अभ्यास चला था। 16 नवंबर 2021 को PM मोदी ने सुल्तानपुर से ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का इनॉगरेशन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरफोर्स के हरक्युलिस जहाज से एयर स्ट्रिप पर उतरे थे।
#WATCH | Uttar Pradesh | IAF’s C-295 aircraft takes off from the Purvanchal Expressway in Sultanpur as the Indian Air Force (IAF) conducts takeoff and landing practice. pic.twitter.com/WkqeUXuvUQ
— ANI (@ANI) April 22, 2026
युद्धाभ्यास का महत्व
यह युद्धाभ्यास देश की रक्षा तैयारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह वायुसेना को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करता है। हाईवे को रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता रणनीतिक रूप से अहम है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। युद्ध की स्थिति में यदि पारंपरिक एयरबेस क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो ऐसे वैकल्पिक रनवे वायुसेना की क्षमता बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा यह अभ्यास त्वरित तैनाती, आपूर्ति और बचाव कार्य सुनिश्चित करने की क्षमता भी मजबूत करते हैं। साथ ही नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर आपातकालीन प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय समन्वय की दक्षता भी परखी जाती है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के समय भारी परिवहन विमानों को प्रभावित क्षेत्रों के करीब उतारने में मदद मिलती है।