उत्तर प्रदेश, राजनीति

यूपी में शिक्षामित्रों के लिए सीएम योगी का बड़ा ऐलान, अनुदेशकों का भी बढ़ाया मानदेय

यूपी में शिक्षामित्रों के लिए सीएम योगी का बड़ा ऐलान, अनुदेशकों का भी बढ़ाया मानदेय

वाराणसी: मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वाराणसी में शनिवार (04 अप्रैल) को 1.42 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि इसी महीने से शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। अभी तक शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपये ही मिल रहे थे। सीएम ने 26 फरवरी को बजट सत्र के दौरान विधानसभा में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाने की बात कही थी।

प्रदेश में साल 2001 से शिक्षामित्रों की नियुक्ति शुरू हुई थी। सपा की सरकार ने 2013-14 में शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था। जिनका समायोजन नहीं हुआ, उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 12 सितंबर, 2015 को इन शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने का आदेश दिया। सपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। 25 जुलाई, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया।

यूपी में शिक्षामित्रों के लिए सीएम योगी का बड़ा ऐलान, अनुदेशकों का भी बढ़ाया मानदेय

सहायक अध्यापक से फिर बना दिए गए शिक्षामित्र

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से एक साथ 1.72 लाख सहायक अध्यापक फिर शिक्षामित्र बना दिए गए। 50 हजार रुपये वेतन पाने वाले फिर 3500 रुपये महीने के मानदेय पर आ गए। इसके खिलाफ प्रदेश भर से आए शिक्षामित्रों ने लखनऊ में गोमती के तट पर बड़ा आंदोलन किया।

आंदोलन के बाद सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये महीने करने की घोषणा की। शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती में वरीयता देने के लिए 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा भी की।

आयु सीमा के साथ 25 बोनस अंक

शिक्षामित्रों को आयु सीमा के साथ 25 बोनस अंक भी दिए गए। उसके बाद 2019 में फिर 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा की। इसमें भी शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट के साथ बोनस अंक दिए गए। दोनों भर्ती में करीब 13 हजार से अधिक शिक्षामित्र सहायक अध्यापक बने।

प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में करीब 1.42 लाख शिक्षामित्र हैं। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक छात्र अनुपात 1:30 होना चाहिए। शिक्षामित्रों की संख्या के कारण ही परिषदीय स्कूलों में यह अनुपात 1:22 है। शिक्षा मित्रों की संख्याबल के कारण ही शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि फिलहाल सहायक टीचर भर्ती की आवश्यकता नहीं है।

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