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गैस संकट पर AAP का तंज- डबल इंजन में लगा रिवर्स गियर

गैस संकट पर AAP का तंज- डबल इंजन में लगा रिवर्स गियर
  • ईरान से रिश्ते बिगाड़कर पीएम मोदी ने देश को संकट में डाला, अब जनता भुगत रही है नतीजा: वंशराज दुबे

AAP: गैस संकट को लेकर आम आदमी पार्टी यूपी के प्रवक्ता वंशराज दुबे ने प्रेस वार्ता के दौरान अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने थाली और खाली गैस सिलेंडर बजाकर केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि जब कोरोना काल में थाली बजाने का संदेश दिया गया था, तो आज गैस संकट के समय भी उसी प्रतीक के जरिए सरकार को जगाने की जरूरत है। दुबे ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि उस दर्द और हताशा की आवाज है, जो आज हर उस परिवार में गूंज रही है जहां चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है।

वंशराज दुबे ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गैस संकट, मिड-डे मील ठप होने और जनता की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जिस तरह लोगों को थाली बजाने का संदेश दिया गया था, आज उसी तर्ज पर गैस संकट के बीच जनता को लाइन में खड़ा होने और खाली सिलेंडर बजाने की नौबत आ गई है, जो सरकार की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।

आप प्रवक्ता का दावा- मिडडे मील कई हफ्तों से बंद

वंशराज दुबे ने कहा कि आज देश और प्रदेश में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि राजधानी लखनऊ के 300 से अधिक विद्यालयों में 22 हजार से ज्यादा बच्चों का मिड-डे मील कई हफ्तों से बंद है। उन्होंने कहा कि ये बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं, भाजपा नेताओं के घरों से नहीं, इसलिए सरकार को इनकी चिंता नहीं है। स्थिति यह है कि शिक्षकों को अपने घरों से सिलेंडर लाकर स्कूलों में देना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक दबाव और सरकार की नाकामी को उजागर करता है। उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की 60 प्रतिशत तेल आपूर्ति हार्मुज़ जलडमरूमध्य से होती है, जो ईरान से जुड़ा हुआ है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और इजराइल के दबाव में ईरान से रिश्ते खराब कर लिए, जिसका खामियाजा आज देश की जनता गैस संकट के रूप में भुगत रही है। उन्होंने कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है।

दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार ने “डबल इंजन” के नाम पर जनता को सिर्फ भ्रम में रखा है, जबकि सच्चाई यह है कि यह इंजन अब रिवर्स गियर में चला गया है। उन्होंने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये प्रचार में खर्च कर दिए गए, लेकिन आज वही गरीब महिलाएं गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रही हैं और चूल्हा जलाने के लिए कोयला, कंडा और डीजल तक का सहारा लेना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कोयले की कीमत 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

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