उत्तर प्रदेश, राजनीति

गोरखपुर में मंच पर फूट-फूट कर रोए मंत्री संजय निषाद, कहा- हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा

गोरखपुर में मंच पर फूट-फूट कर रोए मंत्री संजय निषाद, कहा- हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा

गोरखपुर: निषाद पार्टी के प्रमुख और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद मंच पर फूट-फूट कर रोए। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा है। हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। हमें मजबूत होना होगा। आप सभी से इतना कहूंगा कि अपनी निषाद पार्टी के लिए खड़े हो जाओ। अपनी पार्टी को मजबूत करो।

इससे पहले संजय निषाद ने रविवार को 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। उन्होंने 3000 बाइक के साथ रैली निकाली। खुद मंत्री बुलेट से आगे-आगे चल रहे थे। मंत्री ने बिना हेलमेट पहने ही बुलेट भी चलाई। उन्होंने कहा कि सपा ने हमारी पढ़ाई-लिखाई छीन ली, जबकि बसपा ने रोजी-रोटी छीनी। ये वापस होना चाहिए। हमारे समाज की गिनती, हमारी गिनती अनुसूचित जाति में हो, इसके लिए हम 4 बड़ी रैलियां करने जा रहे हैं।

गोरखपुर में निकाली 10 किमी की रैली

गोरखपुर में संजय निषाद ने 10 किमी की रैली निकाली। शुरुआत पार्टी कार्यालय से हुई। प्रदेश में निषाद पार्टी अभी भाजपा के साथ गठबंधन में हैं। पार्टी का पूरा नाम- ‘निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल’ है। विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए पार्टी ने अपनी गतिविधि तेज कर दी है। साल 2022 में निषाद पार्टी ने भाजपा के साथ मिलकर 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसमें 9 सीटों पर जीत मिली थी। 6 विधायक निषाद पार्टी के सिंबल (थाली) पर थे, बाकी 3 ने भाजपा के सिंबल पर चुनाव जीता था।

प्रदेश में निषाद समाज का वोट लगभग 4.5% है। 403 विधानसभा में 80 ऐसी हैं, जहां निषाद वोटर्स की संख्या एक लाख के करीब है। निषाद समाज की सभी उपजातियों को जोड़ दें तो इनकी संख्या लगभग 9 प्रतिशत हो जाएगी।

संजय निषाद बोले– तुम्हारे बच्चों के लिए फांसी पर लटकने को तैयार हूं

संजय निषाद ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि तुम्हारे लिए रेल रोका, सड़क पर था, 7 महीने जेल में था। तुम्हारे बच्चों के लिए जरूरत पड़ी तो फांसी पर लटकने के लिए तैयार हूं, लेकिन हमारा हिस्सा चाहिए। मुझे मंत्रालय नहीं चाहिए। अभी भाजपा से कहूंगा कि मेरा मंत्रालय वापस ले लिया जाए, लेकिन मेरे समाज का सामातिक उत्थान, आरक्षण लिख दिया जाए। हमें कुछ नहीं चाहिए।

विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें निषादों से दुर्गंध आती थी। निषाद पार्टी के कार्यकर्ता ने कसम खायी कि हे बेईमानों, तुम्हारा उठाते थे झंडा, पीठ पर खाते थे डंडा, तुम्हारा चलता था धंधा, हम बने थे अंधा। अब हमारे हाथ में होगा मोटा डंडा, उसमें होगा निषाद राज का झंडा। निषाद समाज के लोगों पर किसी के दबाव में जो केस दर्ज हैं, सभी विधायकों से कहेंगे कि वो वापस करा दें, नहीं तो किसी को जीतने नहीं देंगे।

निषादों का हक-हिस्सा बेइमानों ने छीना, अब भाजपा को देना पड़ेगा

संजय निषाद ने कहा कि ये रैली नहीं, ये रैला है। मेरा समाज अपने हिस्से के हक के लिए सड़क पर आ गया है। 2013 से लगातार निषाद लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं। ये एकता की आवाज है। हमारे लोगों ने देश को आजाद कराया। हमारे बच्चों को फ्री में पढ़ाया जाए। देश को आजाद कराने के नाते हमारे लोगों ने गरीबी झेली है। बसपा ने निषाद की रोजी-रोटी छीनी और सपा ने शिक्षा छीना। निषादों का हक-हिस्सा जो बेइमानों ने छीना है, अब भाजपा को वो हक देना पड़ेगा।

आपका हिस्सा ऊंची जाति के लोग नहीं, सपा-बसपा के लोग खा रहे

संजय निषाद ने कहा कि आपका हिस्सा ऊंची जाति के लोग नहीं खा रहे हैं। आपका हिस्सा सपा-बसपा के लोग खा रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दूंगा, उन्होंने कहा था कि निषादों को हक मिलना चाहिए। ये अनुसूचित जाति के हकदार हैं। जाकर दलालों को बता दो, दल में आ जाएं, उनके बेटे महल में रहेंगे। कोई ऐसा विभाग नहीं होगा, जहां हाथी और साइकिल वाले नहीं भरे हैं। निषादों तुम्हारा बेटा चपरासी भी नहीं है। सतर्क हो जाओ। डॉ. संजय का साथ दो, ये दल खड़ा करो। महल निषाद पार्टी खड़ा करेगी। तुम्हारे बच्चों का भविष्य निषाद पार्टी बनाएगी।

मंच पर रो पड़े संजय निषाद, बोले- पार्टी के लिए उठ खड़े हो

संजय निषाद ने कहा कि लेदरमैन अनुसूचित में गिनती कराता है, वाशरमैन एससी में गिनती कराता है तो फिशरमैन का नाम भी एससी में है। 22 मई को जनगणना वाले आएंगे तो अपना नाम भी एससी में दर्ज कराना है। समाज की महिलाओं को आगे लाओ। उनके बच्चों का हिस्सा जो खा रहा है, उसे गांव से भगाओ। गांव में अगर तुम्हारा वोट लूट लिया तो तुमको भी लूट लेंगे। जाओ गांव में लक्ष्मण रेखा खींचो कि डॉ. संजय निषाद का जो परमिशन लेकर आएगा, वहीं निषाद के गांव में घुस पाएगा, नहीं तो बाहर की ओर जाएगा। जो हमारे आरक्षण की बात करेगा वही वोट पाएगा।

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