उत्तर प्रदेश, देश-दुनिया, राजनीति

रोहिणी आचार्य का घुसपैठियों से मिलीभगत का आरोप, बोलीं- अब पार्टी साजिशकर्ताओं के हवाले

रोहिणी आचार्य का घुसपैठियों से मिलीभगत का आरोप, बोलीं- अब पार्टी साजिशकर्ताओं के हवाले

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में वैचारिक संघर्ष और नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर अंदरूनी कलह अब सतह पर नजर आने लगी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने वर्तमान नेतृत्व और उनके इर्द-गिर्द सक्रिय घेरे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि लालू प्रसाद यादव की सामाजिक न्याय की विरासत को उन साजिशकर्ताओं के हवाले कर दिया गया है, जो विरोधी खेमे के इशारे पर पार्टी को खोखला कर रहे हैं। परिवार और पार्टी से अलग होने वाली रोहिणी ने रविवार (25 जनवरी) को पटना में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के सन्दर्भ में कहा है।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि जिस किसी ने भी हाशिए पर खड़े समाज और वंचितों के लिए निस्वार्थ भाव से संघर्ष किया है, वह आज पार्टी की बदहाली को देखकर चुप नहीं रह सकता। वफादारों का कहना है कि पार्टी की कमान फिलहाल ऐसे घुसपैठियों के हाथों में है, जिन्हें लालूवाद को खत्म करने के टास्क के साथ भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आज जनता के हक की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी की असली चाबी उन साजिशकर्ताओं के पास है, जो फासीवादी ताकतों के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। ये लोग अपने नापाक इरादों में सफल होते दिख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर रोहिणी ने लिखीं ये बातें

जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी – वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक-आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष एवं प्रयासों का गौरवबोध होगा, जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत व् विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वो अवश्य ही पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा एवं ऐसे लोगों की संदिग्ध-संदेहास्पद भूमिका के खिलाफ अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएगा।

उन्‍होंने आगे लिखा- वर्त्तमान की कड़वी, चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि “आज जनता के हक-हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन-जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों-साजिशकर्ताओं के हाथों में है, जिन्हें लालूवाद को तहस-नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है, कब्ज़ा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं।”

मिलीभगत का आरोप

रोहिणी आचार्य ने कहा कि नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने, सवालों से बचने, जवाब देने से मुँह चुराने, तार्किक-तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फैलाने, लालूवाद व पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र आचरण, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर “वो” चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व् आरोप स्वत: ही साबित होता है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *