बरेली: एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार (18 जनवरी) शाम ‘ब्रजश्याम कहे’ का आयोजन हुआ। इसमें संस्थान के कथक गुरुओं और विद्यार्थियों ने कथक नृत्य कला का प्रदर्शन किया। ‘ब्रजश्याम कहे’ का आरंभ कथक गुरु देबाज्योति नस्कर ने गुरु वंदना ‘करि प्रणाम गुरु ध्यान स्मरण’ पर गुरु आराधना से किया। कथक विद्यार्थियों गौर्वी, अवियना, नायरा, अंकिता, अनिका, अवनी भसीन, त्रिशिका, मुक्तिका, कायरा, वैदेही, ऋत्विका, गौरिका, नितारा, करुण्य, मीरा, अयशानी, नित्या अग्रवाल, नित्या जैन, वृंदा, आराध्या, नियति, मधुर, सुषमा, क्षमा और तृप्ता ने आराधना ‘गुरु चरणन पर शीश नवाऊं’ पर अपनी प्रस्तुति दी।
विद्यार्थी गौरिका और नितारा ने ‘झापताल’ पर लाइव प्रदर्शन किया। कथक विद्यार्थियों ने ‘आज श्याम मुरली बजाय मन भाए’ पर मनमोहक प्रस्तुति दी। कथक गुरु अंशू शर्मा ने ‘जीत देखो उठ ब्रज श्याम छवि’ पर लाइव अर्पण पेश किया। देविका मूर्ति ने ‘भारी भारी मटकी जल’ पर अपनी अद्भुत प्रस्तुति से दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर किया। कथक विद्यार्थी त्रिप्ता और क्षमा ने ‘बजाता ताल धमार’ पर लाइव प्रदर्शन किया। कथक विद्यार्थियों ने ‘कलावती तराना’ और गीत ‘तुम संग’ पर नृत्य कला का सामूहिक प्रदर्शन किया। कथक गुरु रिया श्री चटर्जी ने ‘पलक बंद करि ध्यान में सदा रहता ब्रिजश्याम’ पर लाइव प्रस्तुति दी।

इनकी रही मौजूदगी
‘ब्रजश्याम कहे’ में गायन गुरु प्रियंका ग्वाल, सात्विक मिश्रा ने भी अपने स्वरों से उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि वाद्ययंत्र गुरु दीपकांत जौहरी (तबला), ऋषभ आशीष पाठक (पखावज), पवन भारद्वाज (हारमोनियम), सीमा (सितार) ने अपने अपने वाद्ययंत्रों की संगत से ‘ब्रजश्याम कहे’ शामिल हुए। कार्यक्रम में एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति, सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति, आशा मूर्ति, ऋचा मूर्ति, उषा गुप्ता, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. शैलेश सक्सेना, डॉ. रीटा शर्मा, डॉ. आलोक खरे और शहर के गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुज कुमार ने किया।