प्रयागराज: प्रयागराज माघ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जिलाधिकारी मनीष वर्मा की चुटकी ली। उन्होंने कहा- ‘ये जो जाम लग रहा है, इसे देखो। सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में न पड़ो।’ यह सुनकर डीएम और वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे।
दरअसल, डिप्टी सीएम सोमवार को माघ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। संगम नोज पर उन्होंने व्यवस्थाओं की जानकारी डीएम और मेला अधिकारी से ली। कार में चढ़ते वक्त उन्होंने अफसरों को बुलाया। डिप्टी सीएम ने एक पैर कार में, दूसरा पावदान पर रखा और गेट पकड़कर खड़े हो गए। अफसर उनके सामने खड़े थे। इसी दौरान उन्होंने नसीहत दी- कोई भी साधु-संत जमीन मांगे, तो उसे दिया जाए।
जाम देखो ,'सतुआ बाबा' की रोटी के चक्कर में मत पड़ो…प्रयाग राज के डीएम IAS मनीष वर्मा को DCM केशव प्रसाद मौर्य की नसीहत. क्या अब मनीष वर्मा के और अच्छे दिन आएंगे ?
# कुछ दिन पहले प्रयागराज के डीएम मनीष वर्मा ने सतुआ बाबा आश्रम में रोटी बनाई थी.
1*-सतुआ बाबा आश्रम आध्यात्मिक… pic.twitter.com/uNP7IFMuuj
— Parvez Ahmad (@parvezahmadj) December 30, 2025
कोट पहने DM ने चूल्हे पर रोटी सेंकी थी
दरअसल, 24 दिसंबर को DM माघ मेला का निरीक्षण करने अफसरों के साथ पहुंचे। इस दौरान वह संतोषदास जी महाराज ‘सतुआ बाबा’ के कैंप में चले गए। यहां उन्होंने कोट पहने हुए चूल्हे पर रोटी बनाई। बगल में बैठे सतुआ बाबा उन्हें तरीका बता रहे थे। इस बारे में सतुआ बाबा ने कहा था- DM और मेला अधिकारी कैंप में आए थे। उन्होंने साधु-संतों से कुशलक्षेम पूछा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वह भक्ति और सेवाभाव से ओतप्रोत दिखाई दिए। उन्होंने संतों के लिए चूल्हे पर रोटी भी पकाई।

वीडियो सामने आने के बाद जमीन आवंटन को लेकर प्रदर्शन कर रहे साधु-संतों ने जिलाधिकारी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक तरफ बड़ी संख्या में संत जमीन और सुविधाओं के लिए अफसरों के चक्कर काट रहे, दूसरी तरफ DM सतुआ बाबा के शिविर में रोटी सेंक रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि जैसे यह मेला सतुआ बाबा ही चला रहे।
डिप्टी सीएम मौर्य का प्रयागराज दौरा
वहीं, सोमवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और अफसरों के साथ बैठक की। उन्होंने माघ मेले की तैयारियों का जायजा लिया। इससे पहले, उन्होंने संगम तट पर पूजा-अर्चना की। इस दौरान वहां माघ मेले की पेयजल, चिकित्सा और लाइटिंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि माघ मेला को मिनी कुंभ की तर्ज पर तैयार किया जाए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 जनवरी तक माघ मेला से जुड़े सभी काम हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों की संख्या बढ़ाई जाए, लेकिन किसी भी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक क्षमता का प्रतीक है। प्रमुख स्नान पर्वों पर विशेष सतर्कता बरती जाए और भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं।
कौन हैं सतुआ बाबा?
संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा विष्णुस्वामी संप्रदाय की सतुआ बाबा पीठ के मुखिया हैं। जो भी इसका प्रमुख बनता है, उसे सतुआ बाबा नाम से जाना जाता है। जब इसके छठे पीठाधीश्वर यमुनाचार्य महाराज सतुआ बाबा का 2011 में निधन हुआ तो संतोष दास ने पीठ की कमान संभाली। 11 महीने पहले सतुआ बाबा को महाकुंभ के समय जगद्गुरु बनाया गया। संतोष दास जी महाराज सतुआ बाबा को इसी दिन जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य नाम दिया गया।