बरेली: दिल्ली में 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। आरोपी डॉ. मोहम्मद उमर नबी उस समय हुंडई i20 कार चला रहा था, जो विस्फोटकों से भरी हुई थी। विस्फोट स्थल से मिले डीएनए नमूनों के उनकी मां के डीएनए से मेल खाने के बाद उसकी पहचान की पुष्टि हो गई। इस मामले पर मशहूर शायर प्रोफेसर वसीम बरेलवी ने भी बयान दिया है।
वसीम बरेलवी ने कहा कि जो बम बनाने वाले हैं, उनसे ज्यादा बदकिस्मत कौन हो सकता है। भगवान, खुदा, अल्लाह ने जिसे जिंदगी दी है, उसे वक्त से पहले खत्म कर देना दुनिया का सबसे बड़ा गुनाह है। यह उनकी बदकिस्मती है कि वे जीने की जगह मौत का सामान तैयार कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाना चाहिए और उनके लिए जिंदगी के रास्ते कम से कम कर दिए जाने चाहिए। इस अफसोसनाक स्थिति पर जितना भी दुख जताया जाए कम है। हम दुआ करते हैं कि हमारे देश से यह लानत जल्द खत्म हो।
सूरज की निगाह में कुछ ज़र्रे आ जाते हैं, तो ज़र्रे भी चमकने लगते हैं
शायर प्रोफेसर वसीम बरेलवी ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उनके घर आने से सम्मान और खुशी दोनों दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी शख्सियत हमारे घर आई है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। सूरज की निगाह में कुछ ज़र्रे आ जाते हैं, तो ज़र्रे भी चमकने लगते हैं।
बरेलवी ने अपने खास शायराना अंदाज में अखिलेश यादव का स्वागत करते हुए कहा- ‘तुम आ गए हो तो कुछ चांदनी-सी बातें हों, ज़मीं पर चांद कहां रोज-रोज उतरता है।’
अखिलेश बोले- वसीम बरेलवी अपने आप में एक बड़ी शख्सियत
वहीं, गुरुवार को बरेली पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि प्रोफेसर वसीम बरेलवी से मिलकर बेहद खुशी हुई। जिस स्थान से उन्होंने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में बरेली और देश का सम्मान बढ़ाया है, वह अपने आप में गर्व की बात है। उनकी एक-एक लाइन, एक-एक शेर में इतना बड़ा संदेश छुपा है कि अगर हम उसे अपना लें, तो हमारा समाज और मजबूत हो सकता है।
अखिलेश ने आगे कहा कि अगर हम सभी उनके शेरों और उनकी लाइनों को सही मायने में समझ लें, तो समाज एक-दूसरे के साथ और ज्यादा मजबूती से जुड़ जाएगा।