Deepotsav 2025: जयवीर सिंह बोले- सम्पूर्ण विश्व को “रामत्व” की भावना से जोड़ता है ये आयोजन

मैत्री महोत्सव 2026 बना सांस्कृतिक एकता एवं पर्यटन प्रोत्साहन का महापर्व: Jaiveer Singh 

Deepotsav 2025: दीपोत्सव 2025 इस वर्ष भी भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि पर श्रद्धा, संस्कृति और सौंदर्य का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है। असंख्य दीपों की ज्योति से प्रकाशित अयोध्या नगरी एक बार फिर ‘सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम्’ के भाव को मूर्त रूप देगी। यह दीपोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के अध्यात्म, मर्यादा और वैश्विक समरसता के संदेश का आलोक है, जो सम्पूर्ण विश्व को “रामत्व” की भावना से जोड़ता है। इस वर्ष दीपोत्सव के अंतर्गत रामायण के सातों काण्डों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

विशेष आकर्षण का केंद्र होगी रामलीला

प्रदर्शनी में बालकाण्ड से उत्तर काण्ड तक के सभी प्रसंगों को आकर्षक झांकियों, चित्रों, डिजिटल डिस्प्ले और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्य जन-जन तक पहुँच सकें। दीपोत्सव में अंतरराष्ट्रीय रामलीला विशेष आकर्षण का केंद्र होगी, जिसमें रूस, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया आदि देशों के कलाकार अपने-अपने देश की रामकथाओं का भव्य मंचन करेंगे। साथ ही भारत के विभिन्न प्रदेशों के लोक कलाकार – जैसे श्रीखोल और शाही जात्रा (पश्चिम बंगाल), छऊ नृत्य (झारखण्ड), ढोलु कुनीथा (कर्नाटक), तलवार रास (गुजरात), घूमर-चरी (राजस्थान), झिझिया (बिहार), कावड़ी व कड़गम (तमिलनाडु) तथा बोनालू (आंध्र प्रदेश) – अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से इस सांस्कृतिक उत्सव को जीवंत करेंगे।

Post Comment

You May Have Missed