Bareilly News: शहर की हवा को बेहतर बनाने के प्रयासों का नतीजा सामने है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में बरेली देश के हवा की गुणवत्ता में सुधार करने वाले टॉप 10 शहरों में चुना गया है। बरेली देशभर में सातवें स्थान पर रहा है। 2024 के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में बरेली 18वें स्थान पर था। यह रैंकिंग राष्ट्रीय स्वच्छ वायु मिशन (एनसीएपी) के तहत 130 शहरों में किए कार्यों और वायु गुणवत्ता में हुए सुधार के आधार पर दी गई है।
रैंकिंग का मूल्यांकन शहरी स्थानीय निकाय की ओर से प्रस्तुत स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट और सहायक दस्तावेजों के आधार पर किया गया। इसके बाद संबंधित राज्य की वायु गुणवत्ता निगरानी समिति ने जांच की और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने MoEFCC के दिशा निर्देशों के आधार पर अंतिम रैंकिंग जारी की।
आठ बिंदुओं के आधार पर किया गया मूल्यांकन
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में देश के 130 शहरों को उनके वायु गुणवत्ता सुधार प्रयासों के आधार पर आंका गया। यह सर्वेक्षण न केवल हवा की गुणवत्ता को मापता है, बल्कि हवा को खराब करने वाले स्रोतों को नियंत्रित करने के प्रयासों का भी मूल्यांकन करता है। जिन 8 प्रमुख बिंदुओं के आधार पर मूल्यांकन किया गया।इनमें सड़क की धूल, वाहनों से होने वाला प्रदूषण और ठोस कचरे का जलना सबसे प्रमुख रहे। इसके आधार पर कुल स्कोर तैयार किया गया।
42 शहरों के साथ था बरेली का मुकाबला
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के लिए अवार्ड को तीन केटेगरी में विभाजित किया गया था। पहला 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए है। इसमें 48 शहर शामिल हैं। दूसरी श्रेणी में तीन लाख से 10 लाख आबादी वाले शहर हैं। इस कटेगरी में बरेली, मुरादाबाद और नोएडा समेत 42 शहर शामिल थे। इन्हीं शहरों के साथ मुकाबले में बरेली ने सातवां स्थान हासिल किया। वहीं, तीसरी श्रेणी तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की थी, जिसमें 40 शहर शामिल रहे।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि देशभर के शहरों में टॉप-10 में जगह बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। हमारा प्रयास टॉप तीन शहरों में शामिल होना है। हमने इस बार सड़क की नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन, धूल नियंत्रण और वाहनों से निकलने वाले धुएं पर निगरानी जैसे कई ठोस कदम उठाए हैं। नगर निगम के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों और जनता ने खूब सहयोग किया।