किन्नौर: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर स्थित तंगलिंग में बुधवार को बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात हो गए। घटना का एक भयावह वीडियो सामने आया है, जिसमें पहाड़ से चट्टान और मलबे का सैलाब नीचे सड़क पर गिरते दिखा। अचानक आई बाढ़ से कैलाश यात्रा रूट पर दो पुल बह गए। बाकी का रास्ता भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण यात्रा रोक दी गई है। कई श्रद्धालु फंसे हुए हैं।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीम ने जिपलाइन की मदद से 413 तीर्थयात्रियों को बचाया है। किन्नौर के रिब्बा गांव के पास रालडांग खड्ड में भी बादल फटा। इससे नेशनल हाईवे-5 भी बंद हो गया है। हाईवे के लगभग 150 मीटर हिस्से पर कीचड़ और बड़े-बड़े पत्थर जमा हो गए हैं। हालांकि, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मंगलवार को भी हुई लैंडस्लाइड की घटना
इससे पहले मंगलवार रात में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर भी लैंडस्लाइड हुई। सड़कों पर बड़ी-बड़ी चट्टान गिरने से राज्य में 500 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। शिमला, मंडी, सोलन और कुल्लू जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
इससे पहले उत्तराखंड के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इसमें चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। कर्णप्रयाग में पहाड़ ढहने से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे बंद हो गया। हरिद्वार-देहरादून रेल पर चट्टान गिरने से रेल परिचालन ठप पड़ा है।