उत्तर प्रदेश, राजनीति, स्पेशल स्टोरी

Women’s Day 2025: आईटीएम गीडा की छात्राओं का कमाल, महिलाओं के लिए बनाई ‘लिपस्टिक गन’

Women’s Day 2025: आईटीएम गीडा की छात्राओं का कमला, महिलाओं के लिए बनाई ‘लिपस्टिक गन’

Women’s Day 2025: दुनिया भर में आज (8 मार्च) को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। साल 2025 की थीम ‘एक्सीलरेट एक्शन’ रखी गई है, जिसका अर्थ है- तेजी से कार्य करना। अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के मौके पर गोरखपुर स्थित इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) गीडा की छात्राओं ने एक सेफ्टी ‘लिपस्टिक गन’ तैयार, जो महिलाओं से छेड़छाड़ होने पर उनकी सहायता में मददगार बनेगा।

आईटीएम गीडा सेकेंड ईयर की दो छात्राओं इशरत खान और सृष्टि श्रीवास्तव ने एक लिपस्टिक गन बनाया है, जो छेड़छाड़ के समय महिला की आवाज सुनकर पुलिस और परिजनों के नंबर पर कॉल करने के साथ ही लोकशन भेज सकता है। छात्रा इशरत खान ने बताया कि महिलाओं के साथ हिंसक घटनाएं हमें अक्‍सर समाचारों के माध्यम से देखने को मिल जाती हैं, इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए हमने एक ‘लिपस्टिक गन’ तैयार किया है। ये लिपस्टिक गन मुसीबत में महिला की एक आवाज से पुलिस और परिवार को कॉल करने व लोकेशन भेजने का काम करती है। जब तक कि घटनास्थल पर मदद के लिए पुलिस या परिवार के सदस्‍य पहुंचेंगे, उस दरमियान इस लिपस्टिक को गन भी बनाया जा सकता है। इस लिपस्टिक गन में खास तरह की मिर्ची बुलेट का इस्तेमाल किया गया है, जिसे लिपस्टिक में लगे एक ट्रिगर स्विच से सामने वाले के ऊपर 20 मीटर दूर से फायर कर दागा जा सकता है।

Women’s Day 2025: आईटीएम गीडा की छात्राओं का कमाल, महिलाओं के लिए बनाई ‘लिपस्टिक गन’

सेफ्टी गन की तरह काम करेगी लिपस्टिक

वहीं, छात्रा सृष्टि श्रीवास्तव ने बताया कि ये लिपस्टिक दिखने में लिपस्टिक जैसी ही है, लेकिन इसे गन में भी बदला जा सकता है। इस लिपस्टिक गन में एक पांच मम का बैरल लगाया गया है। इसके अंदर लिपस्टिक और लाल मिर्ची से बनी चार मम की गोलियां लगती हैं। इसके हमले से जान-माल का कोई नुकसान नहीं होता। इसके बुलेट के हमले से अपराधी की आंखों में तेज जलन होगी, जिससे घटनास्थल से भागने में महिला को मदद मिलेगी। साथ में लिपस्टिक गन फायरिंग की आवाज से घटनास्‍थल पर आस-पास के लोगों का ध्यान भी केंद्रित होगा, जिससे वहां मौजूद स्‍थानीय लोग भी मदद के लिए आ सकते हैं। इसका वजन लगभग 50 ग्राम है, जो खास कार्बन फाइबर से बनी हुई है।

संस्थान के निदेशक डॉ. एन के सिंह ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसका उदाहरण हैं हमारे संस्थान की ये सभी छात्राएं, जिन्होंने कॉलेज के इन्नोवेशन सेल में कड़ी मेहनत कर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की सुरक्षा का विकल्प निकाला है, जिससे महिलाओं पर होने वाले अपराध को रोकने में मदद  मिल सकती है। छात्राओं द्वारा बनाए गए वीमेन सेफ्टी जींस प्रोजेक्ट की प्रसंशा करते हुए उन्‍होंने सभी छात्राओं के उज्‍जवल भविष्य की कामना की।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *