नई दिल्ली: भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 24 घंटे में तीन बार मुलाकात की है। दोनों नेताओं ने साथ में प्राइवेट डिनर, द्विपक्षीय बातचीत, जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंडिया-रूस बिजनेस फोरम की बैठक को संबोधित किया। शुक्रवार शाम रूसी राष्ट्रपति पुतिन आईटीसी मौर्या होटल से राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया और उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन किया।
दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि भारत और रूस के बीच कई सालों की पक्की दोस्ती आने वाले कई सालों में और मज़बूत होती रहेगी। pic.twitter.com/IiP4QxLPFV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 5, 2025
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने रूसी राष्ट्रपति के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया। पुतिन और उनका पूरा रूसी डेलिगेशन इस समय राष्ट्रपति भवन में हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कैबिनेट मंत्रियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के वीआईपी ने डिनर का लुत्फ उठाया। इसके बाद वे राष्ट्रपति भवन से रवाना हो गए और कुछ देर में अपने देश रूस लौट जाएंगे।
❗️PM Modi & President Putin Sit Side By Side At State Banquet As President Murmu Delivers Her Speech https://t.co/tlhmhNH5nJ pic.twitter.com/iwEmaZOKpf
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#WATCH | Delhi | Russian President Vladimir Putin leaves from the Rashtrapati Bhavan after attending the banquet hosted in his honour by President Droupadi Murmu. pic.twitter.com/H2hFb3l71z
— ANI (@ANI) December 5, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को भेंट किए गिफ्ट
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को कई तोहफे दिए हैं। उन्हें असम की ब्लैक टी, सिल्वर का टी सेट, सिल्वर होर्स, मार्बल का चेस सेट, कश्मीरी केसर और श्रीमद्भगवदगीता की रूसी भाषा में एक प्रति भेंट की है।
श्रीमद् भगवद् गीता (रूसी भाषा में)- पीएम मोदी ने रूसी भाषा में ट्रांसलेट की गई श्रीमद् भगवद् गीता भी पुतिन को गिफ्ट की।

कश्मीरी केसर- कश्मीर में उगाया जाने वाला यह केसर, स्थानीय रूप से कंग या जाफरान के नाम से जाना जाता है। अपने गहरे रंग, खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर है। यह GI और ODOP के तहत संरक्षित है। इसे “रेड गोल्ड” भी कहा जाता है और यह स्वास्थ्य लाभ, परंपरा और कारीगरी का प्रतीक है।

सिल्वर हॉर्स- महाराष्ट्र में हस्तशिल्प से तैयार किया गया यह चांदी का घोड़ा जटिल डिजाइनों के साथ बना है। यह भारत की धातु कला की परंपरा को दर्शाता है। यह घोड़ा सम्मान और साहस का प्रतीक है, जो भारतीय और रूसी संस्कृति में समान रूप से महत्व रखता है।

मार्बल चेस सेट- आगरा में तैयार यह हस्तशिल्प मार्बल चेस सेट क्षेत्र की पत्थर नक्काशी कला को उजागर करता है। इसमें व्यक्तिगत नक्काशी वाले मोती, विभिन्न रंगों के पत्थर के प्यादे और फूलों की डिजाइन वाला चेकर बोर्ड है। मार्बल, लकड़ी और अर्ध-कीमती पत्थरों का मिश्रण इसे न केवल खेल के लिए बल्कि सजावट के लिए भी आकर्षक बनाता है।

मुर्शिदाबाद सिल्वर टी सेट- मुश्किल नक्काशियों वाला यह सिल्वर सेट पश्चिम बंगाल की कला और चाय की सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है। भारत और रूस दोनों में चाय स्नेह, संबंध और साझा कहानियों का प्रतीक है। यह सेट भारत-रूस मित्रता और चाय की परंपरा का उत्सव मनाने के लिए दिया गया।

असम ब्लैक टी- ब्रह्मपुत्र की उपजाऊ घाटियों में उगाई गई यह चाय अपने मजबूत माल्टी फ्लेवर, चमकदार रंग और पारंपरिक असमिका प्रोसेसिंग के लिए जानी जाती है। 2007 में GI टैग से सम्मानित यह चाय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संभावित स्वास्थ्य लाभ का प्रतीक है।

मोदी ने पुतिन के दौरे का वीडियो शेयर किया
पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के विजिट का वीडियो एक्स पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।
President Putin’s visit will add vigour to India-Russia ties….@KremlinRussia_E pic.twitter.com/NPUSZKAGgA
— Narendra Modi (@narendramodi) December 5, 2025
भारत-रूस के बीच 19 समझौतों पर मुहर
इससे पहले भारत-रूस के बीच 19 समझौतों पर मुहर लगी हैं। इनका मकसद भारत-रूस व्यापार बढ़ाना है। भारत-रूस के बीच शिप बिल्डिंग, भारतीय नाविकों को बर्फीले (पोलर) समुद्री इलाकों में जहाज चलाने की ट्रेनिंग, नई शिपिंग लेन पर निवेश, सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) पर समझौते और MoU साइन किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने रूस को सबसे करीबी सहयोगियों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच दोस्ती को ध्रुव तारे की तरह स्थिर और अटल है। वहीं, पुतिन ने कहा कि उनकी टीम सिर्फ तेल और गैस पर बात करने या सौदे करने के लिए भारत नहीं आई है। वे भारत के साथ हर क्षेत्र में रिश्ते और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं।
भारत-रूस के बीच 7 बड़े समझौते
- मैनपावर मोबिलिटी व्यवस्था
- हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन
- फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड
- जहाज निर्माण
- समुद्री सुरक्षा और निगरानी
- कृषि और फर्टिलाइजर
- परमाणु ऊर्जा सहयोग।