यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, पीएम मोदी का ऐलान- हरिद्वार से भी जुड़ेगा
हरदोई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (29 अप्रैल) को हरदोई जिले में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार से भी जोड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सपा और कांग्रेस पर कहा कि सपा विकास और नारी विरोधी है। बीते दिनों एक बार फिर देश ने इनका नारी विरोधी चेहरा देखा है। इन लोगों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन के खिलाफ वोट किया। वहीं, पीएम ने पश्चिम बंगाल में चल रही दूसरे चरण की वोटिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो खबरें आ रही हैं, उनसे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। ऐसी वोटिंग दशकों में नहीं देखी।
पीएम मोदी ने लगाया पेड़
इससे पहले पीएम ने एक्सप्रेस-वे के किनारे पेड़ लगाया। सीएम योगी के साथ एक्सप्रेस-वे पर पैदल भी चले। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। इससे मेरठ से प्रयागराज की दूरी सिर्फ 6 घंटे में पूरी होगी। अब तक 11-12 घंटे लगते थे। एक्सप्रेस-वे करीब 37,350 करोड़ रुपये की लागत से 5 साल में बनकर तैयार हुआ है। इस हिसाब से 1 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे की औसत लागत करीब 62 करोड़ 87 लाख रुपये है।
मोदी ने ही 18 दिसंबर, 2021 को शाहजहांपुर में एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था। इससे पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे था, जिसकी लंबाई 340 किमी है।
हरिद्वार तक विस्तार की योजना पर काम शुरू
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे का यह वरदान मां गंगा के आशीर्वाद से मिला है। अब लोग कुछ ही घंटों में संगम पहुंच सकते हैं और काशी में बाबा के दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने खुशी जताई कि एक्सप्रेसवे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा गया है, जो प्रदेश की विरासत और विकास दोनों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले किसानों की फसलें समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाती थीं, लेकिन अब एक्सप्रेसवे के माध्यम से कम समय में उत्पाद बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर और प्रतापगढ़ का आंवला जैसे उत्पादों को नई बाजार पहुंच मिलेगी।
उन्होंने कहा, यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों में उद्योगों को आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। गंगा एक्सप्रेसवे केवल पांच वर्षों में बनकर तैयार हुआ है और इसके विस्तार की योजना पर भी काम शुरू हो गया है, जिससे यह मेरठ से आगे हरिद्वार तक पहुंचेगा। साथ ही इसे अन्य एक्सप्रेसवे से जोड़कर एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे।
शङ्करमौलिविहारिणि विमले मम मतिरास्तां तव पदकमले॥आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विजन के अनुरूप पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में एक बेहतरीन व आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित हुआ है।
इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाते… pic.twitter.com/0nuocDxBRr
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 29, 2026
इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रही यूपी की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। राज्य में 21 एयरपोर्ट विकसित हो रहे हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। ब्रह्मोस मिसाइल जैसे बड़े प्रोजेक्ट यूपी की औद्योगिक शक्ति को नई पहचान दे रहे हैं।
पीएम ने कहा, एक समय उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य कहा जाता था, लेकिन आज वही राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के साथ प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल रही है और अब यूपी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
पिछली सरकारों ने अपराध-जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था
प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या पुरानी सरकारों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कल्पना भी की जा सकती थी? पहले पलायन होता था, आज यहां इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं। भारत में जितने मोबाइल फोन बनाए जा रहे हैं, उनमें से आधे से अधिक केवल उत्तर प्रदेश में ही बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने पुरानी सियासत को बदल दिया है। हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और कृष्ण की पावन धरती है। पिछली सरकारों ने अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था।
जिनके हाथ से सत्ता गई है, वे आज फिर यूपी और समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे महिला विरोधी हैं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उन्होंने विरोध किया। लेकिन इन विपक्षी दलों को यूपी की सीटें बढ़ने से आपत्ति है। वे आपके वोट से संसद पहुंचते हैं और फिर यूपी को गाली देने वालों के साथ खड़े हो जाते हैं।
सीएम योगी ने कही ये बात
इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से प्रदेश के इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का भव्य उद्घाटन आज संपन्न हो रहा है। प्रधानमंत्री जी ने दिसंबर 2021 में जिस एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी, आज वही परियोजना लोकार्पण के साथ साकार रूप ले रही है। सीएम योगी ने हरदोई की पावन धरती को भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद और नरसिंह अवतार से जुड़ी आस्था की भूमि बताते हुए कहा कि इसी पवित्र स्थल पर यह ऐतिहासिक अवसर प्राप्त होना गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में भी भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्यों को निरंतर गति देने और समयबद्ध तरीके से परियोजना को पूरा करने का जो विजन प्रधानमंत्री जी ने प्रदेश को दिया था, आज वह पूरी तरह साकार होकर हमारे सामने है।
एक लाख से अधिक किसानों का सीएम ने जताया आभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के साथ 27 स्थानों पर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जो प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलेंगे। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अन्नदाता किसानों से प्राप्त की गई है, जबकि इसके किनारे विकसित होने वाले इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिए करीब 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि ली गई है। मेरठ से प्रयागराज तक फैले 12 जनपदों में एक लाख से अधिक किसानों ने भूमि उपलब्ध कराकर इस परियोजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। इसी सहभागिता और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण नीति का परिणाम है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना आज पूर्ण होकर तैयार है। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री जी ने किया था और इसका उद्घाटन भी उनके ही कर-कमलों द्वारा संपन्न हो रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक, मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, नितिन अग्रवाल, असीम अरुण, रजनी तिवारी व अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

एक्सप्रेस-वे 12 जिलों से गुजरेगा, रात में फाइटर जेट्स उतर सकेंगे
- 12 जिलों से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे कई मायनों में खास है। यहां पब्लिक कन्वीनियंस सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें ठहरने की सुविधा, इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर और फूड कोर्ट शामिल हैं।
- सड़क पर रंबल स्ट्रिप (उभरी हुई पट्टियां) बनाई गई हैं। इन पर वाहन के टायर आते ही ड्राइवर को वाइब्रेशन महसूस होता है, जिससे हादसों की आशंका कम होगी।
- एक्सप्रेस-वे पर एयरफोर्स के फाइटर जेट्स की लैंडिंग के लिए शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है। यह देश की पहली नाइट लैंडिंग एयरस्ट्रिप है।
- हर 75 किमी पर पेट्रोल पंप बनाए गए हैं, जिन्हें भारत पेट्रोलियम खुद संचालित कर रहा है।



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