UP News: 40 स्मारकों व पुरास्थलों को किया जायेगा संरक्षित, देखिये पूरी लिस्ट
-
उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग ने लिए निर्णय, मंत्री जयवीर सिंह ने दी जानकारी
UP News: उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग द्वारा प्रदेश में स्थित 40 स्मारकों व पुरास्थलों को संरक्षित किए जाने का निर्णय लिया गया है। संरक्षित किए जाने वाले स्मारक पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण है। इसमें से कुछ ढाई हजार से लेकर तीन हजार वर्ष पुराने है। कुछ स्मारक कुषाण काल के प्रतीत होते हैं। यह जानकारी मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्राचीन एवं अति प्राचीन स्मारक, स्थापत्य कला के अनूठे धरोहर हैं। यह स्मारक अपने आप में तत्कालीन समय की सांस्कृतिक भव्यता एवं इतिहास समेटे हुए हैं। मौजूदा समय में जीर्ण-शीर्ण तथा खंडहर में परिवर्तित हो चुके हैं। राज्य सरकार ने इन स्मारकों को संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है। साथ ही इन स्मारकों के आस-पास अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को आकर्षित करना है। इसके अलावा प्राचीन स्थलों को बचाना भी है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि जिन स्मारकों को संरक्षित करने का निर्णय लिया गया है। उनमें सीतापुर के दो, उन्नाव के तीन, हरदोई एवं बाराबंकी के एक-एक, कानपुर नगर के दो, रायबरेली का एक, लखनऊ के दो, प्रतापगढ़ का एक, फतेहपुर के दो तथा सिद्धार्थनगर महाराजगंज, देवरिया के एक-एक, जालौन के पांच, ललितपुर का एक, झांसी के पांच, महोबा के चार, गाजीपुर के एक, वाराणसी के दो, आगरा, मैनपुरी, सहारनुपर तथा रामपुर के एक-एक शामिल हैं। जिन स्मारकों को असंक्षित घोषित किया गया है, उनमें कंसकिला तहसील सदर मथुरा, गोण्डवानी मंदिर ग्राम पिपरई, तहसील तालबेहट, जनपद ललितपुर तथा अमरगढ़ का शिवमंदिर ग्राम उदई शाहपुरं तहसील पट्टी जनपद प्रतापगढ़ शामिल हैं।
संरक्षित स्थलों में स्थान शामिल हैं
संरक्षित स्थलों में शिवमंदिर, वकुंड तहसील लहरपुर, जनपद सीतापुर परेवा जाल का टीला तहसील सिधौली, सीतापुर, माहे पासी का टीला तहसील सदर जनपद उन्नाव, प्राचीन टीला, मोहान, तहसील हसनगंज उन्नाव, शिव मंदिर औरास, उन्नाव, नागेश्वर महादेव मंदिर तहसील संडीला जनपद हरदोई, राजा कुंवर गिरधारी सिंह की समाधि तहसील नवाबगंज, बाराबंकी, पंचमुखी शिव मंदिर तहसील घाटमपुर, कानपुर नगर, प्राचीन शिव मंदिर बिठूर कानुपर नगर, गंगकुण्ड, तहसील डलमऊ, रायबरेली, शामिल है। इसके अलावा लखनऊ के प्राचीन भवन मूसाबाग, तहसील सदर, कालाकांकर भवन मोहल्ला हैदराबाद तहसील सदर लखनऊ शामिल है।
इसके अलावा प्राचीन शिव मंदिर व तालाब रामपुर बेला, तहसील पट्टी प्रतापगढ़, राधाकृष्ण मंदिर, तहसील बिंदकी, फतेहपुर, पासी बाबा मंदिर, तहसील बिंदकी, फतेहपुर, डब्लूसी पेप्पे से संबंधित भवन सिद्धार्थनगर, खड़खौला टीला तह. फरेदा महराजगंज, खुदिया बजुर्ग टीला तह. बरहज, देवरिया, रामजानकी व हनुमान जी का मंदिर तह. कोंच, जालौन, लटक बिहारी मंदिर उरई, जालौन, सराफी मंदिर उरई, जालौन, मदरघाट शिवालय उरई, जालौन तथा प्राचीन स्थल सूर्य मंदिर तह. कालपी जालौन प्राचीन बावली, तह. मडावरा, ललितपुर, गढ़वई दुर्ग तह. गरौठा, झांसी, दो प्रस्तर शिवमंदिर तह. बड़ागांव, झांसी तथा हजारिया महादेव मंदिर के सम्मुख स्थित शिवालय ग्राम. डिमरौनी, बड़ागांव , झांसी शामिल है।
इसी प्रकार यज्ञशाला, बरूआसागर, तह.बड़ागांव, झांसी, शिवमंदिर तह. सदर, झांसी, मगलगढ़ का किला, ग्राम चरखारी, तह. चरखारी, महोबा, गुमान बिहारी मंदिर, ग्राम रायनपुर, तह. चरखारी, महोबा, श्रीवासुदेव जी मंदिर महोबा, तालकोठी ग्राम चरखारी, महोबा, पंच मंदिर, तह. कासिमाबाद, गाजीपुर, शिव मंदिर, ग्राम असवारी, राजाबा तालाब, वाराणसी, एलटी कॉलेज स्थित गोपाल लाल विला, तह. सदर, वाराणसी, हतकठ का किला, तह. बाह, आगरा, किरथुवा खेड़ा का किला, तह. करहल, मैनपुरी, मिर्जा देहलवी का मकबरा, तह. सदर, सहारनपुर तथा तूती का मकबरा, तह. सदर, जनपद रामपुर शामिल है।



Post Comment