UP: छात्र की उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी

UP: छात्र की उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी
  • मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आईटीओटी लखनऊ में किया न्यू वर्कशॉप का उद्घाटन

UP: उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने आईटीओटी अलीगंज (आईटीआई परिसर) में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। इस नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन प्रारंभ किया गया है, जिससे संस्थान की क्षमता और प्रशिक्षण के अवसरों में वृद्धि हुई है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण का केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण से पहले विद्यार्थियों में यह विश्वास जगाना आवश्यक है कि वे अपने हुनर के बल पर जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। प्रत्येक छात्र की निरंतर उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

UP: छात्र की उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी

जीवन बदलने का अवसर है कौशल प्रशिक्षण

मंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर होता है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि वे छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों से भी संवाद स्थापित करें, ताकि शिक्षा और प्रशिक्षण के प्रति विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार के नेतृत्व में विभाग लगातार प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक कोर्सेज और बेहतर प्लेसमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज को शामिल किया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें।

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वहीं, निदेशक प्राविधिक डीके सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग के निर्माण से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान की कुल छात्र संख्या भी बढ़कर लगभग 1300 हो गई है। उन्होंने बताया कि संस्थान में आईटीआई प्रशिक्षकों के लिए सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण भी संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी लगातार जारी है, जिससे प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और सुदृढ़ किया जा रहा है।

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