बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष समेत चार विधायक बने मंत्री बने

बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष समेत चार विधायक बने मंत्री बने

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए 09 मई, 2026 यानी आज का दिन ऐतिहासिक है। सुवेंदु अधिकारी राज्‍य में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद सुवेंदु, पीएम मोदी के पास गए और उनके पैर छुए।

बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने सुवेंदु के अलावा चार और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल, अशोक कीर्तनिया और निषिथ प्रमाणिक का नाम शामिल है। इस दौरान मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, NDA और BJP शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री मौजूद रहे।

इससे पहले मोदी ने मंच पर रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी 165वीं जयंती पर श्रद्धाजंलि दी। फिर उन्‍होंने मंच पर भाजपा के 98 साल के कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान किया। मंच पर आते ही प्रधानमंत्री सीधे सरकार के पास गए, उन्हें शॉल ओढ़ाया और फिर उनके पैर छुए। इसके बाद सरकार ने देर तक प्रधानमंत्री को गले लगाए रखा।

सुवेंदु बेहद आध्यात्मिक, घरवाले डरते थे बेटा संन्यासी न बन जाए

सन् 1970 में पूर्व मेदिनीपुर के कोंतली गांव में जन्मे सुवेंदु का बचपन से ही आस्था की ओर झुकाव है। हर शनिवार रामकृष्ण मिशन जाना उनका तय रूटीन था। वे बचपन में इतने धार्मिक थे कि घरवालों को डर लगने लगा था कहीं बेटा संन्यासी न बन जाए। घर में जमा सिक्के भी चुपचाप मिशन में दान कर आते थे।

परिवार को लगता था, कभी भी घर छोड़ सकते हैं। लेकिन सुवेंदु ने दूसरा फैसला लिया… संन्यास नहीं, राजनीति करेंगे और शादी भी नहीं करेंगे। 80 के दशक के अंत में कांथी के प्रभात कुमार कॉलेज से सुवेंदु की छात्र राजनीति शुरू हुई। धीरे-धीरे पूर्व मेदिनीपुर में अपनी अलग पहचान बना ली।

सुवेंदु अधिकारी के बारे में

  • जन्‍म: 05 दिसंबर, 1970
  • पिताः शिशिर अधिकारी, कांथी सीट से सांसद रहे। पहले तृणमूल में बाद में BJP में शामिल हुए।
  • खासियतः TMC और BJP में रहने के कारण बंगाल की जमीनी राजनीति की गहरी समझ। बूथ लेवल तक संगठन खड़ा करने और कार्यकर्ताओं को एक्टिव रखने के लिए मशहूर
  • राजनीति की शुरुआत
  • TMC के साथ की, लंबे समय तक ममता के करीबी रहे।
  • 2007 नंदीग्राम आंदोलन: बड़ी भूमिका निभाई, इसी आंदोलन से बंगाल में वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ माहौल बना।
  • दिसंबर 2020: TMC छोड़कर BJP में शामिल हुए।
  • 2021: बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराया।
  • 2026: भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को 15 हजार वोटों से हराया।

कौन हैं माखनलाल, जिनके मोदी ने पैर छुए?

शपथ ग्रहण से पहले मंच पर PM मोदी ने पश्चिम बंगाल में BJP के सबसे बुजुर्ग कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार को सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। सन् 1952 में माखनलाल सरकार को कश्मीर में उस आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जब वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ वहां भारतीय तिरंगा फहराने के लिए गए थे। 98 साल की उम्र में माखनलाल सरकार आजादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।

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