प्रयागराज: रायबरेली से कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की नागरिकता केस में ब्रिटेन से रिपोर्ट भारत आ गई है। इसमें पासपोर्ट की कॉपी, सिटिजन डिटेल समेत अन्य जानकारी शामिल है। यह जानकारी याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दी। इस मामले में अगले सप्ताह इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई हो सकती है। उसी दौरान इन दस्तावेजों को भी बेंच के सामने रखा जाएगा।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल के पास ब्रिटिश नागरिकता है। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने ब्रिटेन सरकार को लेटर लिखकर जानकारी मांगी थी। ब्रिटेन सरकार ने जुलाई में पुष्टि की थी कि संबंधित जानकारी भारतीय दूतावास के जरिए भारत सरकार को भेज दी गई।
समझिए राहुल गांधी की नागरिकता का मामला
1 जुलाई, 2024 को कर्नाटक के वकील और भाजपा नेता एस. विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता है। याचिकाकर्ता का दावा है कि राहुल ने ब्रिटेन की एक कंपनी में डायरेक्टर रहते हुए खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। उन्होंने भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9(2) के तहत राहुल की नागरिकता रद्द करने की मांग की है।
19 दिसंबर, 2024 को जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) सूर्यभान पांडेय को केंद्रीय गृह मंत्रालय से जानकारी हासिल करने का निर्देश दिया था। गृह मंत्रालय ने हाईकोर्ट में बताया था कि उन्होंने यूके सरकार को लेटर लिखा है। इसके बाद 24 मार्च को सुनवाई हुई थी।
राज्य सरकार को दिया गया था स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
जस्टिस ए.आर. मसूदी और जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। सरकार ने 8 सप्ताह का समय मांगा था। 21 अप्रैल को फिर से मामले में सुनवाई हुई थी। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था- राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं या नहीं, इस पर 10 दिन में जवाब दें। कोर्ट ने कहा था कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है और इसमें देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
2019 में सुप्रीम कोर्ट में ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए।