सुल्तानपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। उनके वकील के अनुसार, राहुल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह केस राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज कराया गया है। इसमें कोई ठोस आधार नहीं है।
पेशी के दौरान मौजूद वकीलों के मुताबिक, कोर्ट पहुंचने पर राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने पर धन्यवाद भी कहा। राहुल लगभग 20 मिनट तक कोर्ट में रहे। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
रामचेत मोदी की दुकान पहुंचे राहुल गांधी
कोर्ट से निकलने के बाद राहुल गांधी रामचेत मोची की दुकान पहुंचे और उनके परिवार से मुलाकात की। राहुल ने मोची की पोती श्रद्धा को गोद में लिया। उसके पैर में चोट देखकर उन्होंने पूछा कि क्या हुआ। परिवार ने बताया कि चोट ठीक नहीं हो रही है। इस पर राहुल ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से बच्ची के इलाज की बात कही।

रामचेत मोची की तीन महीने पहले कैंसर से मौत हो गई थी। एक साल पहले राहुल गांधी ने उनकी दुकान पर बैठकर जूते सिले थे। बाद में उन्होंने रामचेत को सिलाई मशीन भी भेजी थी।

लखनऊ एयरपोर्ट पर उमड़े थे समर्थक
शुक्रवार सुबह राहुल दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से कार से कोर्ट पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल ने मना कर दिया। कोर्ट से बाहर निकले तो उनके समर्थकों की भारी भीड़ पहुंच गई थी। इसके चलते सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दूसरे गेट से बाहर निकला।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi का लखनऊ एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आत्मीय स्वागत किया।
📍 उत्तर प्रदेश pic.twitter.com/LkJPPDP6ld
— UP Congress (@INCUttarPradesh) February 20, 2026
समझिए पूरा मामला
मामला 8 साल पुराना। आरोप है कि राहुल गांधी ने साल 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी। राहुल ने तब कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है। इस बयान के बाद सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 04 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने 19 जनवरी को राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष के वकील काशी शुक्ला को चेतावनी देते हुए कहा था कि यह आखिरी मौका है, इसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।