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‘ऑनलाइन शिव जल अर्पण’ उपकरण के जरिए अब घर बैठे भगवान शिव को अर्पित करें जल

'ऑनलाइन शिव जल अर्पण' उपकरण के जरिए अब घर बैठे भगवान शिव को अर्पित करें जल

गोरखपुर: गोरखपुर के बहड़न में स्थित आईटीएम गीडा संस्थान के बीसीए तृतीय वर्ष के पांच छात्र-छात्राओं ने एक ऑनलाइन धार्मिक उपकरण विकसित किया है, जिसका नाम ‘ऑनलाइन शिव जल अर्पण’ है। इसकी खासियत यह है कि अब श्रद्धालु दुनिया के किसी भी कोने से भगवान शिव को जल अर्पित कर सकते हैं।

इस ऑनलाइन उपकरण के माध्‍यम से चारों धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का पवित्र जल प्रतीकात्मक रूप से भगवान शिव को अर्पित किया जा सकता है। इससे भक्तों को यह अनुभव होता है कि वे सच में मंदिर जाकर जल चढ़ा रहे हैं। इससे भगवान शिव को जल अर्पित करने की आस्था को भी पूरा कर सकते हैं। बीसीए तृतीय वर्ष के स्‍टूडेंट्स खुशी, आंचल यादव, आयुषी कुमारी, गोपाल शर्मा और विवेक शर्मा ने कॉलेज के इनोवेशन सेल टीम के साथ मिलकर ‘ऑनलाइन शिव जल अर्पित’ तैयार किया है।

सोशल मीडिया अकाउंट से है जुड़ा

यह उपकरण पूरी तरह सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ा है। उपयोगकर्ता अपने फेसबुक या गूगल अकाउंट से लॉग इन करके जल अर्पण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस नवाचार की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर नहीं जा पाते, जैसे- बुजुर्ग, दिव्यांग या विदेश में रहने वाले लोग, अब वो सभी घर बैठे भगवान शिव की पूजा में शामिल हो सकते हैं।

खुशी और आंचल यादव ने बताया कि यह आधुनिक तकनीक आध्यात्मिक आस्था का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत करती है। इस तकनीक के माध्यम से श्रद्धालु विश्व के किसी भी कोने से अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से एक मैसेज कमांड से शिवलिंग और बद्रीनाथ, केदारनाथ पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री का पवित्र जल आभासी रूप में अर्पित कर सकते हैं।

ऐसे काम करता है उपकरण

छात्रा खुशी और आंचल ने बताया कि ‘ऑनलाइन शिव जल अर्पित’ उपकरण भगवान शिव के मंदिर में लगा होगा। ये उपकरण इंटरनेट के जरिए सोशल मीडिया यूजर से कनेक्ट होता है। मंदिर में भगवान शिव के ऊपर लगे घड़े या मटके में जल भरा होता है। जैसे ही श्रद्धालु अपने सोशल मीडिया अकाउंट से मंदिर में लगे शिव जल अर्पित के नंबर पर हर हर महादेव या ओम नमः शिवाय मैसज सेंड करते हैं तो ये उपकरण एक बार में लगभग 50 एमएल जल मंदिर में रखे शिवलिंग पर अर्पित कर देता है। साथ ही मंदिर में लगे इस उपकरण के नंबर पर वीडियो कॉल से भी दूर से भगवान को जल अर्पित कर सकते हैं।

टीम का कहना है कि हमारा उद्देश्य श्रद्धा को तकनीक से जोड़कर सबको भगवान से जोड़ना है। इस परियोजना में डिजिटल प्रोग्रामिंग, क्लाउड टेक्नोलॉजी और वेब इंटरफेस का उपयोग किया गया है। यह तकनीक अभी टेस्टिंग फेज में है, लेकिन इसे जल्द ही सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। ऑनलाइन शिव जल अर्पण वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर काम चल रहा है। इसमें वॉइस असिस्टेंट पूजा निर्देश, आरती प्लेयर और जल अर्पण एनिमेशन जैसी सुविधाएं भी जुड़ेंगी।

स्‍टूडेंट्स के प्रयास की सराहना

संस्थान के प्रबंधन और शिक्षकों ने इस परियोजना की खूब सराहना की। उनका कहना है कि यह तकनीक की सकारात्मक दिशा में उपयोग का बेहतरीन उदाहरण है। आईटीएम गीडा के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने कहा कि हमारे छात्र-छात्राओं ने डिजिटल इंडिया की भावना को धार्मिक आस्था से जोड़कर एक नई सोच पेश की है।

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