मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (10 नवंबर) को महाराष्ट्र के मुंबई, जलगांव, बुलढाणा और अमरावती में चुनावी सभाएं कीं। उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी (MVA) महाराष्ट्र में तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। जब तक हमारे एक भी सांसद-विधायक रहेंगे, हम धार्मिक आधार पर आरक्षण नहीं होने देंगे। MVA की सारी योजनाएं महाराष्ट्र की विचारधारा का अपमान करने वाली हैं। इन योजनाओं से पता चलता है कि MVA किसी भी तरह सत्ता पाना चाहती है, फिर चाहे उसे राज्य की संस्कृति से छल ही क्यों न करना पड़े।
अमित शाह ने कहा, उद्धव ठाकरे राम मंदिर, सावरकर, 370 और CAA-UCC का विरोध करने वालों के साथ हैं। क्या वे राहुल गांधी और कांग्रेस के नेताओं से वीर सावरकर और बाला साहेब ठाकरे जी के लिए दो अच्छी बातें बुलवा सकते हैं? वे नहीं बोलेंगे। यह अघाड़ी गठबंधन आंतरिक विरोधाभासों से घिरा हुआ है। उद्धव जी को तय करना है कि वो कहां बैठेंगे।
गृह मंत्री शाह ने 8 मुद्दों पर दिया बयान
मुख्यमंत्री चेहरा: अमित शाह ने कहा, भाजपा, NCP अजित पवार और एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन ने अपना-अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। अभी हमारे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हैं। चुनाव के बाद गठबंधन के तीनों सहयोगी मुख्यमंत्री पर फैसला लेंगे।
महाराष्ट्र पुनरुत्थान: शाह ने कहा, महाराष्ट्र कई युगों से हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है। भक्ति आंदोलन की शुरुआत भी महाराष्ट्र से हुई। गुलामी से मुक्ति का आंदोलन भी शिवाजी ने यहीं से किया। सामाजिक क्रांति की शुरुआत यहीं से हुई। हमारे संकल्प पत्र में महाराष्ट्र की जनता का प्रतिबिम्ब है। किसानों का सम्मान, गरीबों का कल्याण, महिलाओं का स्वाभिमान बढ़ाने, विरासत का पुनरुत्थान करने का संकल्प आज महायुति ने लिया है।
कश्मीर चुनाव: आज अंबेडकर जी की भूमि पर मैं खड़ा हूं। आजादी के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर की धरती पर भारत के संविधान के तहत मुख्यमंत्री ने शपथ ली है। 370 हटने के बाद यह चुनाव हुआ। देश को इस पर नाज है।
राहुल गांधी और सावरकर: महाराष्ट्र की जनता से कहता हूं कि आप लगातार तीसरी बार महायुति की सरकार को अपना जनादेश दीजिए। क्या कांग्रेस का कोई नेता वीर सावरकर का नाम ले सकता है? क्या कोई नेता बाला साहेब ठाकरे की तारीफ कर सकता है? राहुल गांधी वीर सावरकर के लिए दो अच्छे शब्द बोलकर दिखा दें।
कांग्रेस के वादे: मैं कहता हूं कि कांग्रेस वादे करे तो सोच-समझकर करे, क्योंकि ये वादा पूरा नहीं करते और जवाब मुझे देना पड़ता है। तेलंगाना, हिमाचल इसके उदाहरण है। इनके वादों की विश्वसनीयता पाताल से नीचे चली गई है।
उलेमाओं की आरक्षण की मांग: उलेमाओें ने कांग्रेस ने मांग की है कि माइनॉरिटी को आरक्षण दें और कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने इसे स्वीकृति दी है। क्या आप लोग कांग्रेस के मंसूबे के साथ सहमत हैं। क्या पिछड़ों, एससी-एसटी का आरक्षण लेकर मुस्लिमों को दिया जाए, आप सहमत हैं। हमारे संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाता है। मुस्लिम समुदाय के लिए 10% आरक्षण की मांग दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़े वर्गों के हक को कम कर देगी।
उद्धव ठाकरे का स्टैंड: उद्धव ठाकरे को भी कुछ याद कराने आया हूं। आप कहां बैठेंगे इसका फैसला आप ही कीजिए। कहां बैठे हैं, वो जगह 370 हटाने का विरोध करने वालों की जगह है। आप राम जन्मभूमि का विरोध करने वालों के साथ हैं, आप सावरकर का विरोध करने वालों, CAA-UCC का विरोध करने वालों के साथ हैं।
वक्फ बिल: मोदी जी वक्फ बोर्ड में सुधार का बिल लेकर आए हैं। इसका परिणाम देखिए। कर्नाटक के गांव के गांव में मंदिर, खेत, जमीन, घर वक्फ की संपत्ति घोषित किए गए हैं। इसीलिए हम वक्फ बिल लेकर आए हैं। हम महाराष्ट्र को चेतावनी देना चाहते हैं कि अगर कांग्रेस और उनका गठबंधन आया तो यहां भी वक्फ आपकी संपत्तियों को अपना घोषित कर देगा।
भाजपा ने महाराष्ट्र चुनाव के लिए जारी किया घोषणा पत्र
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने रविवार को अपना घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) जारी किया। अमित शाह ने घोषणा पत्र को सार्वजनिक किया। डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि हमने 25 लाख नौकरियां देने, महाराष्ट्र के पूर्ण विकास, किसानों के लिए भावांतर योजना, कर्जमाफी, स्किल सेंटर्स और महिलाओं को 2100 रुपए देने का संकल्प लिया है।