कानपुर: जिले के हाई-प्रोफाइल लोगों की पैरवी करने वाले जाने-माने वकील अखिलेश दुबे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते 11 दिनों में उनके और उनके साथियों के खिलाफ एक के बाद एक पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों में डकैती, जबरन वसूली, अवैध कब्जा और फर्जी केस दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। अखिलेश दुबे फिलहाल जेल में हैं और उनकी कथित ‘अदालत’ की धाक अब कम होती दिख रही है।
कानपुर के नामी वकील अखिलेश दुबे अब पुलिस के शिकंजे में फंस चुके हैं। 6 अगस्त से 17 अगस्त के बीच उनके खिलाफ कुल पांच अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई हैं। इन मामलों में उनके साथ उनके कई साथी भी नामजद हैं। आरोप है कि वे लोगों को धमकाकर, फर्जी दस्तावेज बनाकर और झूठे केस दर्ज कराकर उनकी संपत्ति पर कब्जा करते थे। पुलिस का कहना है कि विशेष जांच दल (SIT) के पास पहुंच रही शिकायतों की जांच के बाद उन पर और भी मामले दर्ज किए जा सकते हैं।
अखिलेश दुबे के खिलाफ पांच प्रमुख मुकदमों का विवरण
भाजपा नेता रवि सतीजा का मामला: रवि सतीजा ने अखिलेश दुबे और उनके साथियों पर झूठे दुष्कर्म का आरोप लगाकर ₹50 लाख की रंगदारी मांगने की शिकायत दर्ज कराई। यह एफआईआर बर्रा थाने में दर्ज हुई।
होटल कारोबारी सुरेश पाल का मामला: सुरेश पाल ने किदवईनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अखिलेश दुबे ने एक नाबालिग लड़की का इस्तेमाल करके उन पर झूठे दुष्कर्म का आरोप लगाया और उनसे ₹2.50 करोड़ वसूलने की कोशिश की।
एक अधिवक्ता का मामला: एक अन्य अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश दुबे ने भूमाफिया से बचाने के नाम पर राजा ययाति के किले से जुड़े मामले में दो झूठे मुकदमे दर्ज कराए और उनसे ₹10 लाख की मांग की। यह रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज हुई।
सच का आईना संस्था के महामंत्री का मामला: शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अखिलेश के खिलाफ कब्जों की शिकायत करने पर उन्हें एक इंटरव्यू के बहाने बुलाया गया और उनकी 20 शिकायतों के बदले ₹20 लाख की रंगदारी मांगी गई। यह एफआईआर किदवईनगर थाने में दर्ज हुई।
मोईनुद्दीन आसिफ जाह शेख का मामला: ग्वालटोली थाने में दर्ज इस मामले में अखिलेश दुबे और उनके साथियों पर वक्फ की जमीन को फर्जी दस्तावेजों से हथियाने का आरोप है।
साथियों पर भी पुलिस का शिकंजा
अखिलेश दुबे के कुछ साथियों पर भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विनय कटियार और शोमिल शाह पर कल्याणपुर में जबरन वसूली का मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, ग्वालटोली में ठेकेदार सैफ ने अखिलेश के साथी लवी मिश्रा, रवि मिश्रा और सौरभ द्विवेदी पर जबरन वसूली और मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी मामले अखिलेश से जुड़े हुए हैं, जिससे उनके कथित ‘दरबार’ की सच्चाई सामने आ रही है।