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भारत-मलेशिया के बीच 11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान, PM मोदी बोले- आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं

भारत-मलेशिया के बीच 11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान, PM मोदी बोले- आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं

कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का रविवार (08 फरवरी) को दूसरा दिन है। उन्हें आज पेरदाना पुत्रा भवन में औपचारिक स्वागत और ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। स्वागत के बाद पीएम मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई।

मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मौजूदगी में भारत और मलेशिया के बीच MoU का आदान-प्रदान हुआ। मलेशियाई पीएम ने कहा समझौता ज्ञापनों सहित 11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 18.59 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

भारत-मलेशिया के बीच 11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान

मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने और मजबूत करने के लिए यह MoU बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि 1957 से हमारे संबंध रहे हैं। लेकिन हमने इसे 2024 में एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है। हमने मजबूत जन-संबंध और विस्तारित आर्थिक सहयोग किया। हम व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य, सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, संस्कृति और जन-संबंधों में सहयोग को और गहरा करना जारी रखेंगे।

मलेशियाई पीएम ने भरोसा जताते हुए कहा यह वास्तव में व्यापक है। हमारा मानना ​​है कि हम इसे आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापनों सहित 11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया है। इसमें सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा सहयोग और शांति स्थापना सहयोग को भी शामिल किया है।

मोदी बोले- भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए

नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मलेशिया में भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट, मुफ्त ई-वीजा, और पर्यटन के लिए यूपीआई डिजिटल इंटरफेस जैसी व्यवस्थाएं दोनों देशों के नागरिकों के जीवन को सरल बनाएंगी।’ उन्होंने कहा कि किसी भी साझेदारी को सफल तभी माना जाता है, जब उसका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे।

मोदी बोले– अपने दोस्त अनवर से मलेशिया आने का वादा किया था

मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में मोदी ने कहा, ‘पिछले साल, मैं ASEAN शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया नहीं आ सका, लेकिन मैंने अपने प्रिय मित्र से वादा किया था कि मैं जल्द से जल्द मलेशिया का दौरा करूंगा। 2026 की अपनी विदेश यात्रा के लिए, मैं मलेशिया आया हूं।’

2025 में भारत-मलेशिया का व्यापार 18.59 अरब डॉलर हुआ

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारत तेजी से तरक्की कर रहा है । उन्होंने कहा, ‘भारत की यह उल्लेखनीय प्रगति देखकर अच्छा लगता है और ASEAN के संदर्भ में मलेशिया को बहुत फायदा होगा अगर हम भारत के साथ सहयोग के और ज्यादा रास्ते और अवसर तलाश सकें।’ उन्होंने बताया कि 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 18.59 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, लेकिन इसे और बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।

प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एक खास उपलब्धि की तारीफ की कि दोनों देश अब जितना संभव हो सके स्थानीय मुद्रा में व्यापार करने का फैसला कर रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा के क्षेत्र को उन्होंने बहुत अहम बताया। उन्होंने कहा कि बहुत से मलेशियाई छात्रों ने भारत से शिक्षा हासिल की है और अब मलेशिया में भी भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ रही है।

पिछले एक दशक में, भारत के शिक्षा संस्थानों को दुनियाभर में मान्यता मिली है। कई भारतीय संस्थान अब पश्चिमी देशों के जाने-माने संस्थानों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसलिए मलेशिया भारत के साथ शिक्षा सहयोग को और मजबूत करना चाहता है ताकि ज्यादा से ज्यादा मलेशियाई छात्र भारत में पढ़ाई कर सकें। अनवर इब्राहिम ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर जुड़ाव को और गहरा करेगा और भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।

मलेशिया ने भारत सरकार के दूतावास खोलने के फैसले का स्वागत किया

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा, ‘मैं इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। उन्होंने पूरी दुनिया में शांति प्रयासों के लिए जो प्रतिबद्धता दिखाई है, वह सराहनीय है। चाहे वह यूक्रेन-रूस संघर्ष हो या मध्य पूर्व का मामला, खासकर गाजा में।’ उन्होंने आगे कहा, ‘भारत सरकार ने साबाह राज्य के कोटा किनाबालू में भारत का वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) खोलने का निर्णय लिया है। मैंने इस निर्णय का पूरा समर्थन किया है।’

मोदी बोले– आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘सुरक्षा क्षेत्र में हम आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को और मजबूत करेंगे। हम रक्षा सहयोग को भी अधिक व्यापक बनाएंगे।’

उन्होंने बताया कि AI और डिजिटल तकनीकों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में भी साझेदारी को आगे बढ़ाई जाएगी।

मोदी बोले– तमिल भाषा मलेशिया की सांस्कृतिक जीवन का हिस्सा

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम भारत और मलेशिया को जोड़ता है। मलेशिया में तमिल भाषा की मजबूत और जीवंत उपस्थिति शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। मुझे पूरा विश्वास है कि आज हुए ऑडियो-विजुअल समझौते के साथ फिल्में और संगीत, खासकर तमिल फिल्में, हमारे दिलों को और करीब लाएंगी।’

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर दिया और तमिल भाषा और तमिल सिनेमा को लोगों के बीच भावनात्मक निकटता बढ़ाने का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता फिल्म और संगीत के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे भारत-मलेशिया के संबंध और अधिक गहरे होंगे।

आठ साल बाद मलेशिया पहुंचे पीएम मोदी

पीएम मोदी आज भारत-मलेशिया के 10वें CEO फोरम में भी हिस्सा लेंगे। इस फोरम में दोनों देशों के बड़े उद्योगपति और कारोबारी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को आठ साल बाद मलेशिया पहुंचे हैं। इससे पहले वे साल 2018 में मलेशिया गए थे।

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