लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पछुआ हवाओं के साथ ठंडी और बढ़ती जा रही है। पश्चिमी और पूर्वी संभागों के कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से नीचे रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में मुजफ्फरनगर सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 7.1°C रिकॉर्ड किया गया। इस मौसम के चलते लखनऊ में 20 से अधिक फ्लाइटें लेट पहुंचीं, जबकि दिल्ली, कोलकाता और मुंबई की सात फ्लाइट्स कैंसिल रहीं।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में प्रदेश में दिन व रात का पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और लुढ़क सकता है। आशंका जताई जा रही है कि इस सीजन में सर्दी के ज्यादा तेज रहने के आसार हैं। तापमान ऐसे ही लुढ़कता रहा तो जल्द ही प्रदेश में कोल्ड वेव यानी शीतलहर का असर दिखाई देगा।
ला-नीना का दिख रहा है असर
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सुबह के समय प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा नजर आ सकता है। हालांकि, पछुआ हवाओं की वजह से घने कोहरे की संभावना अभी नहीं है। उनका कहना है कि ला-नीना की कमजोर पड़ती स्थिति और हिंद महासागर के तटस्थ प्रभाव की वजह से इस बार औसत तापमान सामान्य से कम बना रहेगा। इन दोनों कारकों के संयुक्त प्रभाव के कारण उत्तर, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की आशंका है।
वहीं, पूर्वोत्तर भारत और हिमालय की तलहटी से लगे इलाकों में अधिकतम तापमान थोड़ा अधिक भी रह सकता है। नवंबर माह में भी इसकी शुरुआत दिख चुकी है, जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 1-2°C और अधिकतम तापमान 1-3°C कम दर्ज किया गया।