छात्र सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं नैक की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें: कुलपति प्रो. पूनम टंडन
गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ के प्रथम दिन कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में प्रशासनिक भवन के कमेटी रूम में विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाताओं एवं विभागाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने नए शैक्षणिक सत्र की कार्ययोजना, विद्यार्थियों के हितों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आगामी 45वें दीक्षांत समारोह तथा नैक मूल्यांकन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ उनकी मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध हों। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिक्षक नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में उपस्थित रहे तथा कोई भी कक्षा शिक्षक के अभाव में संचालित होने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था विश्वविद्यालय की पहचान होनी चाहिए।
नैक मूल्यांकन एवं अकादमिक गुणवत्ता पर विशेष जोर
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय आगामी दिनों में नैक के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया में सम्मिलित होगा। इसे ध्यान में रखते हुए सभी विभागाध्यक्ष प्लेसमेंट, शोध प्रकाशन, सतत विकास लक्ष्य (SDGs), नवाचार, शोध परियोजनाओं तथा अन्य अकादमिक उपलब्धियों से संबंधित अद्यतन आंकड़ों का सुव्यवस्थित संकलन एवं अभिलेखीकरण सुनिश्चित करें। साथ ही विभागीय अकादमिक ऑडिट नियमित रूप से कराया जाए।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आगामी 6 अगस्त को प्रस्तावित 45वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों के क्रम में जनभवन से एक उच्चस्तरीय टीम विश्वविद्यालय का दौरा करेगी। यह टीम विभिन्न विभागों एवं प्रशासनिक भवन का निरीक्षण करेगी। उन्होंने सभी अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभागों, कार्यालयों एवं भवनों की स्वच्छता, अभिलेखों की सुव्यवस्थित व्यवस्था तथा समग्र कार्यपरिवेश को उच्च मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करें, ताकि विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यसंस्कृति प्रभावी रूप से प्रदर्शित हो सके।



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