INS Malvan: दुश्मनों की पनडुब्बियों की खैर नहीं, ‘INS मालवान’ है तैयार!

INS Malvan: दुश्मनों की पनडुब्बियों की खैर नहीं, 'INS मालवान' है तैयार!

INS Malvan: भारतीय नौसेना में अभी हाल ही में INS महेंद्रगिरि को शामिल किया गया था और अब एक और स्वदेशी शिकारी समंदर में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। 22 जुलाई को भारतीय नौसेना अपने बेड़े में ‘INS मालवान’ को शामिल करने जा रही है। यह एक ऐसा युद्धपोत है जो कम गहरे पानी में भी छिपकर बैठे दुश्मनों की पनडुब्बियों को ढूंढकर तबाह कर सकता है। भारतीय नौसेना 22 जुलाई को इतिहास रचने जा रही है। इस दिन ‘माहे-क्लास’ के दूसरे एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट यानी INS मालवान को आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल किया जायेगा।

स्वदेशी उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल

INS मालवान एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) परियोजना का दूसरा युद्धपोत है। अगर आसान शब्दों में समझें तो INS मालवान कम गहरे पानी में दुश्मनों की पनडुब्बियों (सबमरीन) को खोज निकालने और उन्हें नष्ट करने वाला एक आधुनिक जहाज है। इसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने खास तौर पर भारतीय नौसेना की जरूरतों को देखकर बनाया है। इस जहाज को 31 मार्च 2026 को ही नौसेना को सौंप दिया गया था, और अब सभी ट्रायल्स पूरे होने के बाद यह देश की सेवा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

INS मालवान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह ‘मेड इन इंडिया’ की भावना से ओतप्रोत है। इस युद्धपोत को बनाने में 80 प्रतिशत से भी ज्यादा स्वदेशी उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। दिखने में भले ही यह जहाज बहुत बड़ा न लगे, लेकिन इसकी ताकत किसी बड़े युद्धपोत से कम नहीं है। यह आकार में छोटा होने के कारण बेहद फुर्तीला है। यह बहुत तेजी से अपनी दिशा बदल सकता है और दुश्मन पर सटीक निशाना लगा सकता है। कम गहरे पानी (शैलो वॉटर) में जहां बड़े जहाजों को काम करने में दिक्कत होती है, वहां INS मालवान अपनी रफ्तार और सटीक हथियारों से अपना दबदबा बनाए रखेगा।

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