अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, CM-उप मुख्यमंत्री ने रथ के आगे लगाई झाड़ू
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जा रही है। यात्रा में संदेशों वाली झांकियां भी शामिल हैं। वहीं, इस बार हाथियों को पैर में जंजीरों से बांधकर लाया गया और खड़िया पोल पर आते ही लोगों को सड़क से हटा दिया गया। यहां पिछले साल तीन हाथी बेकाबू हो गए थे।
भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा तीनों रथों पर विराजमान
#WATCH | Ahmedabad | The 149th annual Lord Jagannath Rath Yatra, will begin today under tight security. The traditional Pahind Vidhi ritual will be performed by Gujarat Chief Minister Bhupendra Patel. pic.twitter.com/djMiaYmBoq
— ANI (@ANI) July 16, 2026
इससे पहले जामालपुर जगन्नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती हुई, जिसमें अमित शाह शामिल हुए। सुबह 7 बजे रथयात्रा निकली। सीएम भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सोने की झाड़ू से रथ के आगे सफाई कर यात्रा को रवाना किया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सपरिवार पूजा-अर्चना की।
श्री जगन्नाथ रथयात्रा के पावन अवसर पर अहमदाबाद स्थित श्री जगन्नाथ जी मंदिर की मंगला आरती में सम्मिलित होकर महाप्रभु का आशीर्वाद लिया। भक्ति व आस्था से ओतप्रोत यह क्षण सदैव विशेष अनुभूति देता है।
महाप्रभु श्री जगन्नाथ से प्रार्थना है कि वे सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।
जय जगन्नाथ! pic.twitter.com/6BhhGsAUdH
— Amit Shah (@AmitShah) July 16, 2026
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर तीनों रथ पहुंचे
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर तीनों रथ पहुंच गए हैं। भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष, बलभद्र का तालध्वज और देवी सुभद्रा का दर्पदलन रथ रथयात्रा से पहले मंदिर के मुख्य द्वार पर खड़ा कर दिया गया है। थोड़ी देर में मंगला आरती होगी।
#WATCH | Puri, Odisha | Three chariots have been placed at Singhadwara of Puri Jagannath temple ahead of the annual Rath Yatra, which will begin today. Nandighosha, Darpadalana, and Taladhwaja – the three chariots of Lord Jagannath, Balabhadra and Subhadra, brought here. pic.twitter.com/dgI0NrvMgb
— ANI (@ANI) July 16, 2026
ओडिसी डांसर बोलीं- महाप्रभु बाहर आएंगे तो बारिश रुक जाएगी
रथयात्रा की शुरुआत में ओडिसी डांस करने वाली कलाकार ने कहा- मैं हर साल भगवान जगन्नाथ के सामने ओडिसी नृत्य करती हूं। ओडिसी भगवान का फेवरेट डांस माना जाता है, इसलिए हर बार मुझे यहां प्रस्तुति देने का सौभाग्य मिलता है। मुझे विश्वास है कि आज जब महाप्रभु भक्तों को दर्शन देने बाहर आएंगे, तब बारिश भी थम जाएगी।
#WATCH | Puri, Odisha | An artist who is set to perform at the start of the annual Rath Yatra says, "…I will be performing Odissi. Odissi is the Lord's favorite dance, so I am invited every year to perform. It is my great fortune to come here annually and offer this dance…I… https://t.co/IvPIcRsACf pic.twitter.com/BnJX3vdj6i
— ANI (@ANI) July 16, 2026
बारिश के बीच पुरी में ओडिसी डांस कर रहे कलाकार
#WATCH | Odisha | Odissi dancers will perform before the Lord Jagannath await the start of the annual Rath Yatra at Puri pic.twitter.com/YrQc9YcLCB
— ANI (@ANI) July 16, 2026
तेज बारिश के बावजूद पुरी रथयात्रा में शामिल होने पहुंच रहे श्रद्धालु
VIDEO | Odisha: Devotees continue to arrive in Puri to attend the annual Jagannath Rath Yatra despite heavy rainfall.#Puri #JagannathRathYatra
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/OgZxuOuCwX
— Press Trust of India (@PTI_News) July 16, 2026
सोने की झाड़ू से रथों की सफाई करेंगे पुरी गजपति
रथयात्रा शुरू होने से पहले पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव तीनों रथों की पूजा करेंगे। वे भगवान जगन्नाथ के प्रथम सेवक माने जाते हैं। इसके बाद वे सोने की झाड़ू से तीनों रथों की सफाई करेंगे। फिर चंदन और सुगंधित जल का छिड़काव करेंगे। इस रस्म को ‘छेरा पहरा’ कहा जाता है।
रथयात्रा से पहले यह रस्म हर साल होती है। यह परंपरा बताती है कि भगवान के सामने राजा और आम इंसान सभी समान हैं। इसलिए गजपति महाराजा भी खुद को भगवान का सेवक मानकर यह सेवा करते हैं।
सबसे पहले बलभद्र, सबसे आखिर में जगन्नाथ का रथ
रथयात्रा में तीनों रथ एक क्रम से निकलते हैं। सबसे पहले भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई बलभद्र का तालध्वज रथ चलता है। इसके बाद बहन सुभद्रा का दर्पदलन रथ निकलता है। सबसे आखिर में भगवान जगन्नाथ अपने नंदीघोष रथ पर सवार होकर यात्रा शुरू करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, बड़े भाई होने के कारण बलभद्र सबसे पहले मार्ग दिखाते हैं, उनके पीछे बहन सुभद्रा चलती हैं और अंत में भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देते हुए गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं। यही क्रम हर साल रथयात्रा और बहुदा यात्रा, दोनों में निभाया जाता है।



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