UP Congress: राम मंदिर निर्माण का राजनीतिक श्रेय लिया, अब जवाब दें पीएम मोदी

UP Congress: राम मंदिर निर्माण का राजनीतिक श्रेय लिया, अब जवाब दें पीएम मोदी
  • प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अजय राय ने भाजपा को घेरा

UP Congress: श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सरकार पर विपक्ष हमलावर है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, ट्रस्ट को भंग करने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। अजय राय ने आरोप लगाया कि भगवान राम के मंदिर में योजनाबद्ध तरीके से लूट हुई है। इस पूरी साजिश के तार प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े हैं। भाजपा ने राम मंदिर निर्माण का राजनीतिक श्रेय लिया था, इसलिए अब जवाबदेही से बच नहीं सकती।

वहीं दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस भगवान राम और सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करती है। उन्होंने दावा किया कि राजीव गांधी के प्रधानमंत्री और वीर बहादुर सिंह के मुख्यमंत्री रहते कांग्रेस सरकार के दौरान राम मंदिर का ताला खुला था और पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि जब मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा हुई तो भाजपा ने उसका राजनीतिक लाभ लिया, लेकिन अब कथित चढ़ावा चोरी के मामले में सरकार और प्रधानमंत्री मौन हैं।

केवल लीपापोती की जा रही है

हुड्डा ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। ऐसे में यदि मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो पूरे देश को सच्चाई जानने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ट्रस्ट का गठन और प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई तो अब जवाबदेही कौन तय करेगा। कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर कोई आरोप नहीं है तो चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर पूरे मामले की लीपापोती की जा रही है, जबकि शीर्ष स्तर की जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही।

कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री इस मामले पर देश के सामने जवाब दें। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, उनकी तत्काल गिरफ्तारी हो। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए। राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

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