देश में चलते ई-रिक्शा को बंद करने वाले चाइनीज ऐप बैन, इलेक्ट्रिक कार-स्कूटर को खतरा नहीं
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली सहित कई शहरों में ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी बने तीन ऐप्स को सरकार ने ऐप स्टोर से हटाने के आदेश दिए हैं। ये ऐप BAT-BMS, लॉसिजी और इपोच ली-आयन हैं। आईटी मंत्रालय ने इसकी जानकारी शुक्रवार को दी। हालांकि, ये ऐप प्ले स्टोर (Play Store) पर अब भी मौजूद हैं।
हाल ही में शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग इन एप से ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को बंद कर चलते ई-रिक्शा को रोक देते थे। इससे चालकों को काफी परेशानी हो रही थी। इन घटनाओं के वीडियो भी वायरल हुए। दरअसल, कुछ ई-रिक्शा की लीथियम बैटरियों का ब्लूटूथ मैनेजमेंट सिस्टम बिना पासवर्ड या कमजोर सुरक्षा के था, इसलिए एप उससे कनेक्ट हो गया। हालांकि, कारों के बैटरी सिस्टम में मजबूत सुरक्षा और एन्क्रिप्शन होता है, इसलिए कोई सामान्य एप उनसे कनेक्ट नहीं हो सकता।
क्या है BAT-BMS App?
BAT-BMS रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है। इसे चीनी कंपनी ‘शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने डेवलप किया है। इसका मुख्य काम ब्लूटूथ-इनेबल्ड लीथियम बैटरी की निगरानी करना है। यह ऐप बैटरी की ओवरऑल जानकारियां डिस्प्ले करता है। यानी, यह बैटरी का डिजिटल डैशबोर्ड जैसा है।
BAT-BMS नाम के एक चीनी ऐप को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह ब्लूटूथ के माध्यम से आसपास मौजूद ई-रिक्शों के BMS (Battery Management System) से कनेक्ट हो जाता है।
लोग दावा कर रहे हैं कि किसी भी ई-रिक्शे की सप्लाई को ब्लूटूथ से ऑन/ऑफ किया जा सकता है।
क्या ये संभव है? pic.twitter.com/HpswKL3ju2
— Mr. Rumi (@Mahsar_khan) July 1, 2026
ई-रिक्शा की बैटरी में चार्जिंग, टेमप्रेचर, वोल्टेज और उसकी हेल्थ पर नजर रखने के लिए ब्लूटूथ वाला बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाता है। ड्राइवर या मैकेनिक BAT-BMS ऐप के जरिए इस सिस्टम से कनेक्ट हो जाते हैं और बैटरी की जानकारी देख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उसकी सेटिंग्स मैनेज कर सकते हैं। यह 10 से 15 मीटर के दायरे में कनेक्ट हो सकता है। बदमाश इसी का फायदा उठा रहे हैं।
क्या इससे सभी ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक वाहन रोके जा सकते हैं?
सोशल मीडिया पर वीडियो तो वायरल हो रहा है, लेकिन हकीकत में सभी ई-व्हीकल इसके जोखिम में नहीं हैं। यह ऐप केवल उन्हीं वाहनों पर असर डालता है, जो कुछ खास शर्तों को पूरा करते हैं।
पहली शर्त: वाहन में ब्लूटूथ सपोर्ट करने वाली लीथियम-आयन बैटरी लगी हो।
दूसरी शर्त: बैटरी का ब्लूटूथ कनेक्शन बिना पासवर्ड के ‘ओपन’ छोड़ दिया हो।
भारत में अभी बड़ी संख्या में ई-रिक्शा पुरानी लेड-एसिड बैटरियों पर चलते हैं, जिनमें ब्लूटूथ या डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम नहीं होता। इसलिए ये इन ऐप से पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, जिन लीथियम बैटरियों के ब्लूटूथ सिस्टम में मैन्युफैक्चरर या डीलर ने मजबूत पासवर्ड सेट किया है, उन्हें भी इस एप के जरिए एक्सेस नहीं किया जा सकता।
ई-रिक्शा चालकों के लिए जरूरी टिप्स
पासवर्ड चेक करें: अपने नजदीकी बैटरी डीलर या मैकेनिक के पास जाएं और यह जांचें कि आपकी लीथियम बैटरी का ब्लूटूथ कनेक्शन पासवर्ड प्रोटेक्टेड है या नहीं।
डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें: अगर बैटरी में 1234 या 0000 जैसा कोई आसान डिफॉल्ट पासवर्ड लगा है, तो उसे तुरंत बदलकर एक नया पासवर्ड सेट करें।
अचानक बंद होने पर क्या करें?: अगर भारी ट्रैफिक के बीच आपका ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाता है, तो घबराएं नहीं। तुरंत इंडिकेटर चालू करें, सुरक्षित रूप से वाहन को सड़क के किनारे लगाएं और बैटरी के मुख्य स्विच (MCB) को ऑफ करके दोबारा ऑन करें।



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