यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा सकुशल संपन्न, सॉल्वर और अफवाहबाजी में नौ गिरफ्तारियां
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित ‘आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025’ की लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रदेश के 75 जनपदों के 1183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई थी। इतनी बड़ी परीक्षा को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से कराना उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
भर्ती बोर्ड ने अत्याधुनिक तकनीकी निगरानी, ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन, बायोमेट्रिक मिलान और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए नकल करने वालों, फर्जी अभ्यर्थियों (सॉल्वर) और अफवाह फैलाने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाया है।
परीक्षा के मुख्य आंकड़े
कुल आमंत्रित अभ्यर्थी: 28,86,798
पुरुष अभ्यर्थी: 19,62,561 (कुल का 67.99 प्रतिशत)
महिला अभ्यर्थी: 9,24,237 (कुल का 32.01 प्रतिशत)
कुल उपस्थिति: 21,92,236 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जो कि कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 75.94 प्रतिशत है।
ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक से खुले फर्जीवाड़े के मामले
परीक्षा के दौरान हाईटेक चेकिंग की वजह से कई परीक्षा केंद्रों पर फर्जी दस्तावेज और दूसरे के नाम पर परीक्षा दे रहे सॉल्वर पकड़े गए:
गौतमबुद्ध नगर (नोएडा): मिहिर भोज पीजी कॉलेज केंद्र पर अंकित कुमार (निवासी एटा) नाम का अभ्यर्थी कूटरचित पहचान पत्र के माध्यम से परीक्षा में शामिल होते पकड़ा गया, जिसका ई-केवाईसी मिसमैच हुआ था। थाना दादरी में इसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की गई है।
अलीगढ़: डीएवी बालिका इंटर कॉलेज केंद्र पर अंकित (निवासी बुलंदशहर) को लोकेश नाम के दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। बायोमेट्रिक मिसमैच होने पर थाना क्वार्सी में इसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कानपुर नगर: लालू प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज केंद्र पर नागेश कुमार (निवासी जौनपुर) को संदेह के आधार पर रोका गया। दस्तावेजों की जांच में उसके द्वारा कूटरचित कागजातों के इस्तेमाल की आशंका सामने आई है, जिस पर विधिक कार्रवाई जारी है।
भ्रामक वीडियो और अफवाह फैलाने वाले यूट्यूबर्स व इंस्टाग्राम यूजर्स पर FIR
भर्ती बोर्ड द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर 9454457951 पर मिली शिकायतों के आधार पर सोशल मीडिया पर परीक्षा को लेकर झूठ और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वालों पर लखनऊ के थाना हुसैनगंज में कड़ा एक्शन लिया गया है:
यूट्यूब चैनल “Shubham Mittal”: परीक्षा को लेकर भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोप में मुकदमा संख्या 83/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ BNS, आईटी एक्ट (66D) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इंस्टाग्राम हैंडल ‘reshami68yadav’: भ्रामक वीडियो प्रसारित करने पर मुकदमा संख्या 82/2026 दर्ज।
इंस्टाग्राम हैंडल ‘durgeshsaxena94’ और ‘mukti.reem_98’: अफवाह फैलाने वाली सामग्री पर मुकदमा संख्या 84/2026 दर्ज।
इंस्टाग्राम यूजर ‘Rohit (Oye Hero)’ और ‘Rohitvlogs_24*7’: तथ्यहीन वीडियो बनाने पर मुकदमा संख्या 85/2026 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
अब तक कुल 12 मुकदमे, 9 गिरफ्तार
भर्ती बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न जनपदों और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के मामलों को मिलाकर अब तक परीक्षा से संबंधित कुल 12 अभियोग (FIR) पंजीकृत किए जा चुके हैं। इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
भर्ती बोर्ड का कड़ा संदेश
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े, दस्तावेजों की हेराफेरी या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर विधिक कार्रवाई जारी रहेगी। बोर्ड ने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों और सहयोग करने वाले अभ्यर्थियों का आभार जताया है।



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