CM शुभेंदु का ऐलान- ममता सरकार के भ्रष्टाचार की होगी जांच, मौलवी-पुजारियों का मानदेय बंद
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कैबिनेट बैठक में ममता सरकार में हुए भ्रष्टाचार के मामलों और महिला उत्पीड़न की जांच कराने का ऐलान किया है। इसके लिए दो आयोग बनेंगे। दोनों आयोगों की अध्यक्षता कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे।
सीएम शुभेंदु ने कहा कि ये फैसले चुनाव के दौरान किए गए वादों का हिस्सा थे। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रचार के दौरान पिछली सरकार के खिलाफ चार्जशीट पेश करने की बात कही थी। इसलिए सरकार ने 10 दिनों के भीतर आयोगों का गठन कर कैबिनेट से मंजूरी दिला दी।
एक जून से बंद होगा मानदेय
सरकार ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को दिए जाने वाले मानदेय को 1 जून से बंद करने का फैसला किया है। साथ ही महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने 3000 रुपये देने, मुफ्त बस यात्रा शुरू करने का ऐलान किया है।
बंगाल सरकार ने राज्य सरकार की नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। सातवां वेतन आयोग गठित करने और OBC सूची में बदलाव जैसे अहम निर्णय भी लिए गए।
ममता ने चुनाव के ऐलान के कुछ घंटे पहले बढ़ाया था मानदेय
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार ने मार्च में विधानसभा चुनावों के ऐलान के कुछ घंटे पहले ही इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को मिलने वाला मानदेय ₹500 बढ़ाया था।
इसके बाद राज्य की रजिस्टर्ड मस्जिदों के इमामों को हर महीने 3000 रुपये, जबकि मुअज्जिन और पुजारियों को 2000 रुपये की मदद दी जा रही थी। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि छात्रों की कोई भी छात्रवृत्ति योजना बंद नहीं की जाएगी।
बंगाल कैबिनेट के बड़े फैसले
सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा 5 साल बढ़ी
बंगाल कैबिनेट ने राज्य सरकार की नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 5 साल बढ़ाने का फैसला लिया। नई व्यवस्था के तहत ग्रुप A पदों के लिए उम्र सीमा 41 साल, ग्रुप B के लिए 44 साल और ग्रुप C-D के लिए 45 साल कर दी गई है। यह नियम 11 मई से लागू होगा। SC, ST, OBC और दिव्यांग उम्मीदवारों को मिलने वाली अतिरिक्त आयु छूट पहले की तरह जारी रहेगी।
भ्रष्टाचार जांच के लिए रिटायर्ड जज की कमेटी
कैबिनेट ने राज्य में संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बिश्वजीत बसु की अध्यक्षता में पैनल बनाने को मंजूरी दी। यह कमेटी सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों और सेवा वितरण में कथित घोटालों, कटमनी, रिश्वतखोरी और सरकारी फंड की गड़बड़ी की जांच करेगी। लोगों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी।
महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की जांच होगी
राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार के मामलों की जांच के लिए जस्टिस समाप्ति चटर्जी की अध्यक्षता में दूसरी कमेटी बनाने का फैसला लिया। यह आयोग महिलाओं, बच्चों, SC-ST और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों की जांच करेगा। इसके लिए पोर्टल, व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी।
धार्मिक आधार पर मिलने वाला मानदेय बंद
कैबिनेट ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को धार्मिक आधार पर दिए जाने वाले सरकारी मानदेय को 1 जून से बंद करने का फैसला लिया। पहले इमामों को 3000 रुपये और मुअज्जिन-पुजारियों को 2000 रुपये मासिक सहायता दी जाती थी।
महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये मिलेंगे
राज्य सरकार ने ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दी है। इसके तहत महिलाओं को 1 जून से हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। लक्ष्मी भंडार योजना की मौजूदा लाभार्थियों को बिना दोबारा आवेदन किए सीधे इस योजना का लाभ मिलेगा। पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा
कैबिनेट ने 01 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की मंजूरी भी दे दी। हालांकि फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
7वें वेतन आयोग को मंजूरी
राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वेतन संशोधन के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी। इसका फायदा सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ नगर निकायों, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। आयोग के गठन और लागू होने की तारीख का नोटिफिकेशन बाद में जारी किया जाएगा।
राज्य की OBC सूची रद्द होगी
कैबिनेट ने 2024 के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर मौजूदा OBC सूची को रद्द करने का फैसला लिया। सरकार नई OBC सूची तैयार करने और आरक्षण पात्रता तय करने के लिए अलग पैनल बनाएगी। यह विवाद 77 समुदायों को OBC सूची में शामिल करने को लेकर था, जिनमें 75 मुस्लिम समुदाय शामिल थे। हाईकोर्ट ने 2010 के बाद जारी करीब 5 लाख OBC प्रमाणपत्रों को अमान्य कर दिया था।
हुमायूं कबीर ने मानदेय नहीं देने का समर्थन किया
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने बंगाल में इमामों-मुअज्जिनों को मिलने वाली मासिक मानदेय बंद करने पर कहा- ‘सरकार ने जो फैसल लिया है, उसका मैं स्वागत करता हूं। मैं इसका कोई विरोध नहीं करूंगा।’



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