ED ने बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को किया गिरफ्तार, नगर निगम में अवैध भर्ती का आरोप
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। सुजीत अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे ईडी ऑफिस पहुंचे थे। उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ की गई, फिर रात को गिरफ्तार कर लिया गया।
सुजीत बोस पर 2014-2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। कहा जाता है कि सुजीत ने इसके बदले पैसे और फ्लैट लिए थे। सुजीत उस वक्त दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। बिधाननगर से तीन बार के विधायक रहे सुजीत बोस हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे।
क्या है नगर निगम भर्ती घोटाला?
- कब हुआ घोटाला: नगर निकाय भर्ती घोटाला लगभग 2014-2018 के दौरान हुआ, जब विभिन्न नगर पालिकाओं में पैसों के बदले नौकरियां दी गईं।
- कैसे हुआ खुलासाः यह मामला 2023 में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान सामने आया, जब एजेंसी ने आयन शील (Ayan Sil) नामक व्यक्ति के परिसर पर छापेमारी की।
- एजेंसी को सबूत मिले: जांच में दक्षिण दमदम सहित कई नगर पालिकाओं में क्लर्क, सफाईकर्मी और अन्य पदों पर अवैध नियुक्तियों के सबूत मिले।
- 45 लाख रुपये जब्त किए: ED ने 10 अक्टूबर, 2025 को 13 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें बोस का दफ्तर भी शामिल था। 45 लाख रुपये नकद जब्त किए।
- सुजीत बोस की गिरफ्तारी: 11 मई 2026 को ED ने इस घोटाले के सिलसिले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया है, जो 2010 से 2021 के बीच दक्षिण दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे।
11 दिन में दो बार पूछताछ, फिर गिरफ्तारी
सुजीत बोस को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ED के कई नोटिस मिले। जिनमें से एक 6 अप्रैल को मिला था। इसी दिन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। उन्होंने पहले कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और चुनाव प्रचार में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए ED के सामने पेश होने से छूट मांगी थी। चुनावों के बाद बोस 01 मई को CGO कॉम्प्लेक्स में ED अधिकारियों के सामने पेश हुए। 11 दिन बाद दोबारा पेशी में सुजीत को अरेस्ट कर लिया गया।
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर CBI की तरफ से FIR दर्ज किए जाने के बाद ED ने 2 जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के ठिकानों पर छापेमारी की।



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