उत्तर प्रदेश, राजनीति

संभल मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार गिराई गई, डीएम ने कहा- सरकारी जमीन पर हुआ था अवैध निर्माण

संभल मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार गिराई गई, डीएम ने कहा- सरकारी जमीन पर हुआ था अवैध निर्माण

संभल: जिले में मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार शुक्रवार को गिरा दी गई। अब बुलडोजर मस्जिद के बाकी हिस्सों को तोड़ रहा है। इससे पहले, सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर की पांच दुकानों को तोड़ा गया। मस्जिद की मीनार तोड़ने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनें बुलाईं। एक मजदूर मीनार पर चढ़कर रस्सी को बांधा, फिर उसके दूसरे सिरे को दोनों हाइड्रा मशीनों से बांधा। इसके बाद मशीनों से खींचकर मीनार को गिरा दिया।

मामला मुबारकपुर बंद गांव का है। प्रशासन के अनुसार, 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था। फिलहाल, डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई समेत 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर हैं। गांव वाले जुटने लगे तो विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।

संभल डीएम बोले– सरकारी जमीन पर हुआ था अवैध निर्माण

संभल डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि मुबारकपुर बंद गांव में ग्राम प्रधान ने 3 महीने पहले सरकारी जमीन पर निर्माण की शिकायत की थी। तहसील में मुकदमा दायर किया गया। सुनवाई के बाद 30 दिन अपील का समय भी दिया गया। ​यह अवैध निर्माण एक प्राथमिक विद्यालय और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के बीच स्थित खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की 600 वर्ग मीटर भूमि पर था।

उन्‍होंने कहा कि इस कब्जे के कारण दोनों विद्यालय एक-दूसरे से अलग हो गए थे। अब कब्जा हटने से दोनों स्कूल खेल के मैदान के माध्यम से आपस में जुड़ जाएंगे। ​हम लगातार ‘लैंड बैंक’ तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। सरकारी या सुरक्षित भूमि पर जहां भी अवैध कब्जे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से हटाया जा रहा है।

एसपी बोले– जिन्होंने भी कब्जा किया, वे हटा लें

एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि सरकार के निर्देश पर जिले के एसडीएम, तहसीलदार और सीओ गांव-गांव में सरकारी संपत्तियों और सरकारी जमीनों को चिह्नित करने का काम कर रहे हैं। इसी क्रम में मुबारकपुर बंद गांव में खेल के मैदान और खाद के गड्ढों की जमीन पर बने दो स्ट्रक्चरों को ढहाया जा रहा है। इस कार्रवाई के लिए दो प्लाटून पीएसी, एक कंपनी आरआरएफ और असमोली सर्किल के चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन्होंने भी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, वे खुद ही हटा लें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।

12 दिन पहले होनी थी कार्रवाई

12 दिन पहले, यानी 05 अप्रैल को मस्जिद पर कार्रवाई होनी थी, लेकिन उस समय बुलडोजर चालक ने मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार तोड़ने से मना कर दिया था। तर्क दिया था कि मीनार बुलडोजर के ऊपर गिर सकती है। हालांकि, उस दिन मदरसा, पांच दुकानें और मस्जिद का गेट तोड़ दिया गया था। दुकानों का करीब 20 फीसदी हिस्सा बच गया था, जिसे आज गिराया गया।

दो ग्रामीण अपने मकान खुद तोड़ रहे मुबारकपुर बंद गांव गुलाम रसूल और आसमा के मकानों के कुछ हिस्से सरकारी जमीन पर बने हैं। प्रशासन ने दोनों से खुद ही कब्जा हटाने को कहा है। इसके बाद आसमा ने घर के आगे बने हिस्से को और गुलाम ने घर के गेट को छैनी-हथौड़ी से तोड़ना शुरू कर दिया है।

जानिए पूरा मामला

मुबारकपुर बंद गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। 15 साल पहले खेल मैदान पर 150 वर्गमीटर में मस्जिद का निर्माण किया गया। इसके साथ ही पांच दुकानें और आठ मकान भी बना लिए गए। हैरानी की बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी बने हुए हैं। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत डीएम को मिली थी। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया। उसी दिन जमीन की नाप कराई गई। 30 मार्च से स्थानीय मजदूरों के जरिए निर्माण हटाने का काम शुरू हुआ।

31 मार्च से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद ही मदरसा गौसुल और पांच दुकानों को तोड़ना शुरू किया, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। मस्जिद कमेटी और ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर की मांग पर 05 अप्रैल को प्रशासन ने 2100 रुपये शुल्क लेकर करीब दो घंटे में मदरसा और दुकानों को ध्वस्त करा दिया। ग्रामीणों ने मस्जिद को खुद नहीं तोड़ा और प्रशासन से इसे हटाने की मांग की थी। ग्राम प्रधानपति का कहना है कि स्कूलों को छोड़कर बाकी अवैध संपत्तियों को हटाया जाए।

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