मेरठ में दुकानों की सीलिंग देखकर कारोबारी को हार्टअटैक, व्यापारी बोले- अफसरों की बेईमानी ने मार दिया
मेरठ: शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट की सीलिंग को लेकर बुधवार (08 अप्रैल) को दूसरे दिन भी हंगामा जारी है। अफसर सीलिंग करने पहुंचे तो नाराज कारोबारियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारी को हार्टअटैक आ गया। साथी कारोबारी उन्हें टांगकर एम्बुलेंस तक ले गए। उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। दुकानों को सील होता देखकर महिलाएं फूट-फूट कर रोने लगीं।
एक व्यापारी ने कहा कि सरकार ने हमें मार दिया। आवास विकास के अधिकारियों ने बेईमानी की। हमें गुमराह किया। 70 करोड़ रुपये वसूलने के बाद भी हमारे प्रतिष्ठानों को सील किया जा रहा। इधर, हंगामे की सूचना पर सपा नेता जीतू नागपाल पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
एडीएम सिटी और सपा नेता में बहस
यह सुनकर ADM सिटी ब्रजेश सिंह भड़क गए। कहा कि राजनीति अपने घर जाकर करना। यहां बात करनी है तो व्यापारियों की करो। राजनीति करोगे तो जेल भेज दूंगा। इस पर सपा नेता ने कहा, हम भी व्यापारी हैं। व्यापारी हित की ही बात करने आए हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल मार्केट में 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दिया है। आदेश मंगलवार शाम व्यापारियों को लिखित रूप में मिला। बुधवार सुबह आवास विकास परिषद की 7 टीमों ने सुधा हॉस्पिटल से सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था– किस आधार पर ध्वस्तीकरण रोकने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मेरठ के पूर्व कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद और आवास विकास के चेयरमैन पी. गुरुप्रसाद को तलब किया था। दोनों को जमकर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने पूर्व कमिश्नर से पूछा- किस आधार पर आपने ध्वस्तीकरण को रोकने का आदेश दिया। पूर्व कमिश्नर की तरफ से बताया गया कि कोर्ट के आदेश की तामील यानी दुकान 661/6 के ध्वस्तीकरण के बाद कारोबारियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक के कुछ मिनट्स तैयार किए गए थे। यह सुझाव थे, आदेश नहीं।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस आप मिनट्स कहते हैं। गुरुप्रसाद ने कोर्ट को बताया था कि कमिश्नर के आदेश के बाद वो कार्रवाई नहीं कर सके। कोर्ट ने पूर्व कमिश्नर को अपनी गलती मानते हुए स्पष्टीकरण देने का भी आदेश दिया।



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