Strait of Hormuz: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अब साथी देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देगा। इन देशों में भारत भी शामिल है, साथ में चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान का नाम भी लिया गया है। इसका मतलब है कि भारत के जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा। हालांकि, एक शर्त रखी गई है कि जहाजों को पहले ईरान के अधिकारियों से समन्वय करना होगा।
#Iran FM Abbas #Araghchi: We permitted passage through the Strait of #Hormuz for friendly nations including China, Russia, India, Iraq, and Pakistan. pic.twitter.com/RvLtiwYB4v
— Consulate General of the I.R. Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) March 25, 2026
ऊर्जा संकट कम होने की उम्मीद
यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब इस रास्ते को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि यही रास्ता दुनिया के सबसे बड़े तेल सप्लाई रूट्स में से एक है। अगर यह बंद हो जाता, तो भारत जैसे देशों के लिए तेल की कीमतें और सप्लाई दोनों पर असर पड़ता। इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि होर्मुज मार्ग के बंद रहने से तेल, गैस और खाद की सप्लाई रुक रही है, जिससे दुनिया भर में असर पड़ रहा है- खासकर खेती के समय। गुटेरेस ने अमेरिका और इस्राइल से अपील की कि वे युद्ध को जल्द खत्म करें, क्योंकि इससे आम लोगों की हालत खराब हो रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी भारी असर पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने ईरान से भी कहा कि वह अपने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे।
The prolonged closure of the Strait of Hormuz is choking the movement of oil, gas & fertilizer at a critical moment in the global planting season.
Across the region & beyond, civilians are enduring serious harm & living under profound insecurity.
The @UN is working to minimize…
— António Guterres (@antonioguterres) March 25, 2026
भारत के लिए राहत भरी खबर
ईरान के इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि भारत का काफी तेल इसी रास्ते से आता है। अगर यह रास्ता बंद रहता, तो पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते थे। ईरान ने पहले भी साफ किया था कि गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज (यानी जो ईरान के खिलाफ नहीं हैं) इस रास्ते से गुजर सकते हैं, लेकिन अब यह नियम और सख्त कर दिया गया है, हर जहाज को पहले अनुमति और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।