उत्तर प्रदेश, राजनीति

बसपा अकेली लड़ेगी 2027 विधानसभा चुनाव, मायावती बोलीं- विरोधियों की साजिश हैं गठबंधन की अफवाहें

बसपा अकेली लड़ेगी 2027 विधानसभा चुनाव, मायवती बोलीं- विरोधियों की साजिश हैं गठबंधन की अफवाहें

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने बुधवार (18 फरवरी) को लखनऊ में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की। उन्‍होंने ऐलान किया है कि 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी अकेले ही लड़ेगी। मायावती ने कहा कि हम किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेंगे। मीडिया में चल रही गठबंधन की खबरें फर्जी हैं। यह हमारे खिलाफ साजिश है।

दरअसल, बसपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के गठबंधन की खबरें सामने आ रही थीं। इसके अलावा तीन दिन पहले अखिलेश यादव ने भी इशारों में गठबंधन का ऑफर दिया था। उन्होंने कहा था कि बसपा से पुराने रिश्ते हैं। कई बार गठबंधन बनते और टूटते हैं। हमें उम्मीद है कि उस लड़ाई को और आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

टाइप-8 बंगले को लेकर भी दी सफाई

मायावती ने दिल्ली में हाल ही में अलॉट हुए टाइप-8 बंगले को लेकर उठ रही अफवाहों पर सफाई दी। उन्‍होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कई बंगले अलॉट किए थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से नहीं लिए गए या छोड़ दिए गए। अब मुझे टाइप-8 का सही बंगला अलॉट किया गया है, जिसे मैंने स्वीकार कर लिया है।

बसपा प्रमुख ने 02 जून, 1995 के लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि उस घटना के बाद से ही मुझे विशेष उच्च सुरक्षा मिली हुई है, जो अब और बढ़ गई है। कांग्रेस सरकार के समय से ही मुझे टाइप-8 बंगला मिलता रहा है। इस पर घिनौनी राजनीति करना ठीक नहीं।

स्वार्थी नेता जान-बूझकर गठबंधन की अफवाह फैला रहे

बसपा सुप्रीमो ने कहा, ‘आजकल लोकतंत्र को मजबूत करने की बजाय एआई जैसी चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। इसी बीच, कुछ स्वार्थी नेता और मीडिया जानबूझकर यह अफवाह फैला रहे हैं कि बसपा उत्तर प्रदेश का अगला विधानसभा चुनाव किसी गठबंधन में लड़ेगी। यह पूरी तरह झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक खबर है, जिसका मकसद लोगों को गुमराह करना है।’

मीडिया को दी नसीहत

मायावती ने कहा, ‘नेताओं और मीडिया को इस प्रकार की कटी पतंग जैसी उड़ान भरकर अपना मजाक खुद उड़ाने से बचना चाहिए। बसपा के अकेले चुनाव लड़ने का फैसला पहले ही कई बार सार्वजनिक किया जा चुका है। खासकर 09 अक्टूबर, 2025 को कांशीरामजी की पुण्यतिथि पर लखनऊ में हुई महारैली में यह साफ तौर पर घोषित किया गया था। इसके बाद किसी तरह की चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं बचती। बीएसपी के लोग 2027 के मिशन में अकेले ही पूरे जी-जान से लगे हुए हैं।’

मनगढ़ंत बातों पर ध्यान न दें कार्यकर्ता, हाथी की मस्त चाल चलें

पूर्व मुख्यमंत्री ने सपा और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों की सोच संकीर्ण और बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर विरोधी है। इनका अंबेडकरवादी बीएसपी से गठबंधन करने की नीति केवल इनके वोटों का राजनीतिक और चुनावी स्वार्थ है। इससे कोई फायदा नहीं होता।

इसलिए, बीएसपी के लोग 2027 के मिशन में अकेले ही पूरे जी-जान से लगे हुए हैं। इन अनर्गल और मनगढ़ंत बातों पर कतई ध्यान न दें और हाथी की मस्त चाल चलते रहें। 2007 की तरह 2027 में अकेले चुनाव लड़कर फिर से पूर्ण बहुमत की बीएसपी सरकार बनाएं।

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा षड्यंत्र बढ़ता जाएगा

मायावती ने कहा कि बसपा के लोग भली-भांति जानते हैं कि कांग्रेस, सपा और भाजपा जैसी पार्टियों की सोच संकीर्ण और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर विरोधी रही है। इनका बीएसपी से गठबंधन करने का उद्देश्य केवल वोटों का राजनीतिक स्वार्थ है, जिससे पार्टी को हमेशा नुकसान ही हुआ है। इसी कारण बीएसपी अपने 2027 के मिशन में अकेले पूरे दमखम के साथ जुटी हुई है। ध्यान भटकाने के लिए ही ऐसी भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, विरोधियों के साम-दाम-दंड-भेद जैसे हथकंडे और भी तेज होंगे।

उन्‍होंने कहा, इसलिए पूरे देश के अंबेडकरवादियों से अपील है कि वे अपनी एकमात्र पार्टी और उसके आयरन नेतृत्व पर पूरा भरोसा रखें और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन को मजबूती देने के लिए तन-मन-धन से जुटे रहें।

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