प्रयागराज: प्रयागराज माघ मेला प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच शुरू हुआ विवाद अब राज्य सरकार के लिए मुसीबत बन गया है। बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज की लड़ाई हिंदू-मुसलमान या अंग्रेज-भारतीय की नहीं, नकली और असली हिंदू के बीच है। मेरी सिटी मजिस्ट्रेट से फोन पर बात हुई। वह सनातन धर्म के ‘अलंकार’ हैं। अफसर ने मुझसे कहा कि अत्याचारी सरकार का अंग होना, मुझे भी पाप में डालेगा। इसलिए सरकार का अंग बनकर काम करना मुश्किल हो गया था।
परमहंस महाराज बोले- अविमुक्तेश्वरानंद पर लगना चाहिए NSA
वहीं, अयोध्या छावनी धाम के परमहंस महाराज ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद और सतुआ बाबा ने माघ मेले को बदनाम किया है। दोनों को माघ मेले में आने से पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर तो एनएसए लगना चाहिए।
पीठाधीश्वर परमहंस आचार्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के शासनकाल के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को चौराहे पर पीटे जाने की घटना आज भी लोगों को याद है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने उस समय उनका अपमान किया, आज वही खुद को उनका सबसे बड़ा शुभचिंतक बताने लगे हैं। परमहंस आचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी भटकाव की स्थिति में हैं और उनके बयान सनातन परंपराओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं।
माघ मेला को लेकर दिए जा रहे बयानों पर जाहिर की नाराजगी
परमहंस आचार्य ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के समय में यदि कोई योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खुश नहीं है, तो उसे सीधे तौर पर सनातन विरोधी मान लिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मोटी दक्षिणा लेकर सनातन धर्म, गंगा और माघ मेला जैसी पवित्र परंपराओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अत्यंत निंदनीय है, पीठाधीश्वर ने विशेष रूप से माघ मेला और गंगा स्नान को लेकर दिए जा रहे बयानों पर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि जो लोग गंगा स्नान और माघ मेला को बदनाम कर रहे हैं, उन पर प्रशासन को सख्त प्रतिबंध लगाने चाहिए, जो लोग गंगा में स्नान पर सवाल उठा रहे हैं। वह लोग अपने घर के नल में ही स्नान करें, उन्हें गंगा जल हम स्वयं पहुंचा देंगे। सनातन धर्म केवल आस्था नहीं बल्कि भारत की आत्मा है और इसे बदनाम करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए जो धर्म, परंपरा और आस्था को चोट पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
हाईकोर्ट के वकील भी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में आए
माघ मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच 10 दिन से विवाद चल रहा है। कम या खत्म होने की बजाय मामला बढ़ता जा रहा। प्रयागराज हाईकोर्ट के वकील भी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने पोस्टर जारी करके कहा- असहमति हो सकती है। अपमान नहीं।
शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, प्रशासन की मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन: उमा भारती
वहीं, उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा। किंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है, यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का एवं विद्वत परिषद का है।
मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा किंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है, यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों…
— Uma Bharti (@umasribharti) January 27, 2026
शंकराचार्य के विशेष शिष्य देवेंद्र पांडे ने कहा– भाजपा का छद्मवेश सामने आ गया है
शंकराचार्य के विशेष शिष्य देवेंद्र पांडे ने कहा कि भाजपा के राज में गो हत्या होना। पहलगाम, पुलवामा हमला आज भी संदेह के घेरे में है। भाजपा का छद्मवेश उजागर हो गया है। शंकराचार्य जी ने खुद मीडिया से चर्चा में इस बात का खुलासा किया। RSS की एक विंग है राष्ट्रीय मुस्लिम मंच जिसके इंद्रेश कुमार संयोजक हैं। एक बार एयरपोर्ट पर इंद्रेश कुमार की शंकराचार्य जी से मुलाकात हुई। हिन्दू और हिन्दुत्व को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान इंद्रेश कुमार ने बताया कि 10 लाख से अधिक हिन्दू बच्चियों का विवाह मुस्लिमों से करा चुके हैं। तो शंकराचार्य ने पूछा 10 हजार तो उन्होंने कहा- 10 लाख।
शंकराचार्य ने पूछा- इसके पीछे का कारण क्या है तो इंद्रेश कुमार ने कहा- वो बच्चियां मुसलमान परिवार में जाएंगी तो उन्हें समझाकर हिन्दू परिवार में लेकर आएंगी। कितने आश्चर्य की बात है हमारे घर की बच्चियां बच नहीं पा रही हैं, लव जिहाद का शिकार हो रही हैं। जो बची हुई संस्कारी बच्चियां हैं उन्हें बहला फुसलाकर मुसलमानों के हवाले ये लोग कर रहे हैं।
शंकराचार्य ने कहा– सतुबा बाबा पर कुछ नहीं कहेंगे
उधर, शंकराचार्य ने कहा कि संतोष दास जब छोटे थे तो उनके गुरु उन्हें लेकर मेरे पास आए थे और कहा था कि मैं इसे उत्तराधिकारी बनाना चाहता हूं। मेरी आपसे यही विनती यही अनुरोध है कि मेरे चले जाने के बाद इसका संरक्षण करिएगा।
15 साल पहले ही हमने सतुआ बाबा के गुरु जी को वचन दे दिया है कि इनका हम संरक्षण करेंगे। इसलिए हम उनके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, उनको जो कहना है वह कहें, हम उनके बारे में कुछ नहीं कहेंगे। क्योंकि हमने उनके गुरु को वचन दिया है। उनके गुरु ने हमारे मठ में आकर हमसे वचन मांगा था और बड़े हृदय से मांगा था।