देशभर में मकर संक्रांति की धूम: महाकाल का तिल के तेल से अभिषेक, प्रयागराज में 15 लाख श्रद्धालुओं का स्नान

देशभर में मकर संक्रांति की धूम: महाकाल का तिल के तेल से अभिषेक, प्रयागराज में 15 लाख श्रद्धालुओं का स्नान

नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ: देशभर के कई हिस्सों में गुरुवार (15 जनवरी) को भी मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई जा रही है। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल का तिल के तेल से अभिषेक हुआ। भस्म आरती में भी तिल चढ़ाया गया और तिल के लड्डुओं का भोग लगा। संक्रांति को लेकर गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी प्रमुख नदियों के तटों पर लाखों लोग सुबह से डुबकी लगा चुके हैं।

प्रयागराज माघ मेले में आज मकर संक्रांति का स्नान पर्व है। संगम में सुबह 7 बजे तक 15 लाख श्रद्धालु स्नान चुके हैं। आज करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। वहीं, वाराणसी के गंगा घाट और पश्चिम बंगाल के गंगासागर में स्नान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह खिचड़ी चढ़ाकर मकर संक्रांति की शुरुआत की।

पीएम मोदी ने गायों को खिलाया चारा

पंजाब के अमृतसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री दरबार साहिब में पवित्र स्नान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मकर संक्रांति के अवसर पर अपने आवास पर गायों को चारा खिलाया।

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उत्तरायण और मकर संक्रांति में क्या अंतर है?

दोनों एक ही माना जाता है, लेकिन दोनों में अंतर है। उत्तरायण का अर्थ है सूर्य का उत्तर की ओर झुकाव शुरू होना। खगोल विज्ञान के मुताबिक, ये 21 या 22 दिसंबर को होता है, जब साल की सबसे लंबी रात होती है और इसके बाद दिन बड़े होने लगते हैं। सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रांति मनाते हैं। पुराने समय में उत्तरायण और मकर संक्रांति तारीख एक ही दिन हुआ करती थी, लेकिन हर 70-72 साल में इस पर्व की तारीख बदलने से तारीखों में इतना अंतर आ गया है।

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