नई दिल्ली: दिल्ली कार ब्लास्ट में खुद को उड़ाने वाला आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद हमले से लगभग दो सप्ताह पहले पुलवामा के कोइल गांव में अपने घर गया था। उमर ने अपने दो मोबाइल फोन में से एक अपने भाई जहूर इलाही को दिया और कहा कि अगर मेरे कोई खबर आए तो फोन पानी में फेंक देना। इसी फोन से वह वीडियो मिला है, जिसमें उमर आत्मघाती हमले को ‘शहादत का ऑपरेशन’ बता रहा है।
जहूर ने सुरक्षा एजेंसियों को पूछताछ में फोन के बारे में जानकारी दी है। जहूर ने बताया कि उमर ने उसे 26 से 29 अक्टूबर के बीच फोन दिया था। 9 नवंबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी से उमर के साथियों की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही उसने घबराकर फोन घर के पास एक तालाब में फेंक दिया था।
जांच एजेंसियों ने रिकवर कर लिया वीडियो
जांच एजेंसियों ने 9 नवंबर को उमर के दोनों फोन तलाशे तो दोनों बंद मिले थे। एक फोन की आखिरी लोकेशन दिल्ली और दूसरे की पुलवामा थी। इसी दौरान जहूर से पूछताछ चल रही थी कि तभी दिल्ली में आत्मघाती धमाका हो गया था। बाद में तालाब से फोन बरामद हुआ, हालांकि पानी में डूबने से वह खराब था, फिर भी एक वीडियो रिकवर कर लिया गया। फोन और डिजिटल सबूत अब NIA को सौंप दिए गए हैं।
डॉ. उमर ने दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुंडई i20 कार में आत्मघाती धमाका किया था। इससे 15 लोगों की मौत हुई थी और 20 से ज्यादा घायल हुए थे। मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, इसमें से 5 डॉक्टर है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी 13 दिन की ED कस्टडी में
दिल्ली की एक अदालत ने अल-फला ग्रुप के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी को 13 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है। अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि ऐसे उचित आधार मौजूद हैं, जो बताते हैं कि सिद्दीकी बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, फर्जी मान्यता (एक्रेडिटेशन) और अल-फला यूनिवर्सिटी से जुड़े फंड की हेराफेरी में मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर अपराध में शामिल रहे हैं। उन्हें 18 नवंबर की देर रात PMLA की धारा 19 का पालन करते हुए गिरफ्तार किया गया।
आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने अपने कैम्प ऑफिस में रात में जारी किया। ED ने अदालत को बताया कि जांच शुरुआती चरण में है और उनके पास धोखाधड़ी, गलत बयानबाजी और अपराध की आय के स्थानांतरण से जुड़े ठोस सबूत हैं। एजेंसी ने कस्टोडियल पूछताछ की मांग करते हुए कहा कि अगर सिद्दीकी को हिरासत में न लिया गया, तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या डिजिटल व वित्तीय रिकॉर्ड नष्ट करवा सकते हैं।
टेरर मॉड्यूल की डॉ. शाहीन के 7 बैंक अकाउंट
वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल की अहम कड़ी डॉ. शाहीन सईद के 7 बैंक खाते हैं। आतंकियों के बीच मैडम सर्जन के नाम से मशहूर डॉ. शाहीन ने लखनऊ, फरीदाबाद के पते से तीन पासपोर्ट बनवाए थे। अक्टूबर में अल फलाह यूनिवर्सिटी के अपने क्वार्टर के पते पर भी पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की थी।