नई दिल्ली: भारत ने जम्मू-कश्मीर की तवी नदी में बाढ़ के हालात को देखते हुए मानवीय आधार पर पाकिस्तान को इसकी जानकारी दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कदम पूरी तरह से मानवीय सहायता के मकसद से उठाया गया है। इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन ने रविवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को बाढ़ की जानकारी दी है। यह पहला मौका है, जब इस तरह की जानकारी हाई कमीशन के जरिए साझा की गई।
आमतौर पर, सिंधु जल संधि के तहत बाढ़ से जुड़ी चेतावनी दोनों देशों के वाटर कमिश्रर के बीच शेयर की जाती थी। इसी साल मई में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से दोनों देशों में बातचीत लगभग बंद है। जम्मू में रविवार सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे में 190.4 मिमी बारिश हुई, जो पिछले 100 साल में अगस्त महीने में होने वाली दूसरी सबसे ज्यादा बारिश है। इससे पहले 1926 के अगस्त महीने में 228.6 मिमी हुई थी, जो बीते 100 सालों सबसे ज्यादा है।
पाकिस्तानी मीडिया का दावा था- भारत ने संधि के तहत जानकारी दी
सोमवार को पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को संभावित बाढ़ की जानकारी दी है। जियो न्यूज और द न्यूज इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत ने 24 अगस्त की सुबह जम्मू की तवी नदी में बाढ़ की आशंका को लेकर इस्लामाबाद को आगाह किया।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने संधि स्थगित की
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 में पाकिस्तान के साथ हुई सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इसके तहत सिंधु वाटर सिस्टम की 3 पूर्वी नदियों का पानी भारत इस्तेमाल कर सकता है और बाकी 3 पश्चिमी नदियों के पानी पर पाकिस्तान को अधिकार दिया गया था।