लखनऊ: भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने यात्रियों के लगेज को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब लखनऊ और प्रयागराज सहित बड़े स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसी व्यवस्था लागू होगी। बैग का वजन और आकार चेक होगा। तय सीमा से ज्यादा होने पर अतिरिक्त चार्ज देना होगा।
उत्तर और उत्तर मध्य रेलवे ने इसकी शुरुआत लखनऊ और प्रयागराज मंडल के प्रमुख स्टेशनों से करने का फैसला किया है। इनमें लखनऊ चारबाग, बनारस, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, मिर्जापुर, अलीगढ़, गोविंदपुरी और इटावा जैसे स्टेशन शामिल हैं। इन जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक लगेज मशीनें लगाई जाएंगी। प्लेटफार्म पर एंट्री से पहले बैग का वजन और साइज चेक होगा।
लखनऊ-प्रयागराज मंडल की ट्रेनों में लगेज सीमा
फर्स्ट एसी- 70 किलो
सेकेंड एसी- 50 किलो
थर्ड एसी और स्लीपर- 40 किलो
जनरल और सेकेंड सिटिंग- 35 किलो
नोट- क्लास के अनुसार रेलवे ने फ्री लगेज का प्लान बनाया। इतने वजन के ऊपर ले जाने पर जुर्माना लगेगा।
सिर्फ वजन नहीं, बैग का साइज भी देखेगा रेलवे
रेलवे ने साफ किया है कि सिर्फ वजन की नहीं होगी, बल्कि बैग के आकार की भी जांच होगी। अगर बैग का साइज इतना बड़ा है कि कोच में जरूरत से ज्यादा जगह घेरता है तो पेनल्टी लग सकती है। यानी वजन सीमा के अंदर होने पर भी बड़े बैग से परेशानी बढ़ सकती है। तय सीमा से 10 किलो तक का सामान अतिरिक्त ले जाने की छूट होगी। इससे ज्यादा वजन होने पर यात्रियों को लगेज बुक कराना होगा।
बिना बुकिंग ज्यादा वजन मिला तो लगेगा डेढ़ गुना चार्ज
अगर जांच के दौरान यात्री के पास तय सीमा से ज्यादा और बिना बुकिंग का सामान मिला, तो उस पर सामान्य दर से डेढ़ गुना चार्ज लगाया जाएगा। ऐसे में बिना बुकिंग अतिरिक्त सामान ले जाना यात्रियों की जेब पर भारी पड़ सकता है।
सुविधा के लिए नियम जरूरी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह नियम सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए जरूरी है। कई बार यात्री इतना ज्यादा सामान ले जाते हैं कि बाकी लोगों को कोच में बैठने और चलने में दिक्कत होती है। साथ ही, अतिरिक्त लगेज सुरक्षा जोखिम भी बन सकता है। त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे का यह कदम भीड़ और सामान पर नियंत्रण के लिए अहम माना जा रहा है।