गोरखपुर। देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 27 जुलाई को पुण्यतिथि है। ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विख्यात डॉ. कलाम के विचारों से प्रभावित होकर गोरखपुर के बड़गहन स्थित आईटीएम गीडा संस्थान के बीसीए तृतीय वर्ष के दो छात्रों ने एक अनोखा आविष्कार किया है।
छात्र आदित्य और मेराज ने मिलकर “टाइमर मिसाइल” नामक एक प्रोटोटाइप तैयार किया है। यह मिसाइल विशेष रूप से आतंकियों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह सिर्फ दुश्मनों को टार्गेट करेगी और इसका पूरा नियंत्रण सेना के हाथों में रहेगा।
छात्र आदित्य के अनुसार, इस मिसाइल में एक विशेष टाइमर ट्रिगर सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम दुश्मन के इलाके में गिरने के बाद सेना के निर्देश पर सक्रिय होकर अपना काम करता है। वहीं, छात्र मेराज ने बताया कि इस मिसाइल में एक सैटेलाइट कैमरा भी लगाया गया है। इस कैमरे से टारगेट क्षेत्र के आसपास की लोकेशन की जानकारी मिलती है। सेना इस सूचना के आधार पर रिमोट से भी मिसाइल को ट्रिगर कर सकती है।
छात्रों ने बताया कि यह मिसाइल गिरने के बाद टारगेट लोकेशन से ऑडियो और वीडियो डेटा सेना के कंट्रोल रूम तक भेजने में सक्षम है। इससे वहां की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकता है। अगर उस स्थान पर आतंकी गतिविधियां पाई जाती हैं, तो इसे रिमोट से ब्लास्ट भी किया जा सकता है। इस मिसाइल की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसे डिफ्यूज करना लगभग असंभव होगा। इसका पूरा कमांड सिस्टम सिर्फ भारतीय सेना के पास रहेगा। अभी छात्रों ने इसका एक कार्यशील मॉडल भी तैयार किया है।
संस्थान के निदेशक डॉ. एन के सिंह ने बताया कि कॉलेज की इनोवेशन सेल टीम के साथ मिलकर हमारे संस्थान के छात्रों ने देश के हित में कुछ करने का प्रयास किया है। हम उनकी हर संभव मदद करेंगे। मैं छात्रों के इस प्रयास की सराहना करता हूं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी। इसके अलावा संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया और संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने भी छात्रों को शुभकामनाएं और बधाई दी।