-
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में संपन्न हुआ एमओयू
लखनऊ: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क (इन्फ्लिबनेट) केंद्र (गांधीनगर, गुजरात) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में राजभवन (लखनऊ) में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन, कुलसचिव धीरेन्द्र श्रीवास्तव, इन्फ्लिबनेट के निदेशक डॉ. जेपी सिंह जोईल, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परियोजना समन्वयकगण आदि उपस्थित रहे।
यह समझौता विश्वविद्यालय में इन्फ्लिबनेट द्वारा विकसित विविध शैक्षणिक एवं शोधपरक डिजिटल सेवाओं के क्रियान्वयन की दिशा में एक निर्णायक पहल है। इस साझेदारी के अंतर्गत विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की ई-लाइब्रेरी, शोध प्रबंधन, शोध गुणवत्ता जांच, डिजिटल थीसिस भंडारण, ई-सामग्री प्रबंधन और अनुसंधान सूचना नेटवर्क जैसी सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी, शोध पारदर्शिता और नवाचार को भी बल मिलेगा।
कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि इस समझौते से विश्वविद्यालय डिजिटल युग की आवश्यकता अनुसार नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह सहयोग विश्वविद्यालय की शोध-संरचना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा। इन्फ्लिबनेट केंद्र की ओर से निदेशक डॉ. जोईल ने आश्वासन दिया कि वे गोरखपुर विश्वविद्यालय को तकनीकी प्रशिक्षण, प्रणालीगत मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधनों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, जिससे एमओयू के सभी लक्ष्यों को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
इन्फ्लिबनेट की प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं
-
-शोध प्रबंध भंडारण और पहुंच हेतु शोधगंगा
-
-शोध पत्रों की मौलिकता जांच प्रणाली शोधचिंतक
-
-राष्ट्रीय ई-ग्रंथालय के माध्यम से ई-सामग्री की सुलभता
-
-ई-शोध सिंधु द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली ई-जर्नल्स, ई-बुक्स और डाटाबेस की सदस्यता
-
-विद्यांजलि जैसे शैक्षणिक पोर्टल्स
-
-ऑनलाइन प्रशिक्षण, डाटा रिपॉजिटरी, और डिजिटल सामग्री प्रबंधन सेवाएँ