लखनऊ: साल 2022 में योगी सरकार ने अग्निवीर योजना के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 11 जिलों के 52 युवाओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से पिछले तीन वर्षों से कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे युवाओं और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह और अनूपशहर के विधायक संजय शर्मा ने इस पहल को शुरू किया। दोनों विधायकों ने 30 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इन युवाओं के मुकदमे वापस लेने की मांग का एक पत्र सौंपा था। विधायकों के पत्र के आधार पर प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

11 जिलों के डीएम-एसएसपी से मांगी गई डिटेल
11 जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के जरिए संबंधित सभी थानों से इन मामलों की पूरी डिटेल मंगवाई जा रही है। इन रिपोर्टों के आने के बाद सरकार आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए इन मुकदमों को औपचारिक रूप से वापस लेगी। साल 2022 में केंद्र सरकार द्वारा अग्निवीर योजना की घोषणा के बाद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें यूपी में भी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद ये मुकदमे दर्ज किए गए थे।