वायरलेस ऑपरेटर्स को मिला ज्वाइनिंग लेटर, CM योगी बोले- हमने भर्ती बोर्डों का शुद्धिकरण किया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 1,374 सहायक परिचालकों और 120 कर्मशाला कर्मचारियों को रविवार (03 अगस्त) को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। इसके लिए आज राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य समारोह आयोजित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अभ्यर्थियों को अपने हाथों से ज्वाइनिंग लेटर दिया। चयनित अभ्यर्थियों में गजब का उत्साह है। मोबाइल का टॉर्च जलाकर अपनी खुशी जाहिर किया। उत्तर प्रदेश दूरसंचार विभाग द्वारा बनाई गई टेली फिल्म भी दिखाई गई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रेरणा से जब हमारी सरकार आई तो हमने सबसे पहले भर्ती बोर्डों का पुनर्गठन और शुद्धिकरण किया। हमने तय किया कि अब किसी भी भर्ती में पारदर्शिता से समझौता नहीं होगा। जो भी गड़बड़ी करेगा, उसकी जवाबदेही तय होगी। आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक सरकारी नौकरी देने वाला राज्य है। अब तक 8.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां हमने पारदर्शी प्रक्रिया से दी हैं।
पारदर्शिता और निष्पक्षता की मिसाल बनी पुलिस भर्ती प्रक्रिया
सीएम योगी ने कहा, मैं पुलिस भर्ती बोर्ड और विशेष रूप से डीजी टेलीकॉम और उनकी टीम को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से यह नियुक्तियां सुनिश्चित कीं। यह केवल नियुक्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि और व्यवस्था में विश्वास का प्रतीक है। मैं विशेष रूप से महानिदेशक पुलिस राजीव कृष्ण और उनकी टीम को बधाई देता हूं कि उन्होंने इस आयोजन को सभी आयोगों और भर्ती संस्थाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण बना दिया।

उन्होंने कहा, 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 2.17 लाख से अधिक पदों पर पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से भर्ती की गई है। यह पूरे देश में एक रिकॉर्ड है। यह गौरव की बात है कि आप सब अब दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस फोर्स का हिस्सा बनने जा रहे हैं। 2017 से पहले की स्थिति को याद कीजिए, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पैसे के लेनदेन से ग्रस्त थीं। परिणामस्वरूप न केवल युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ होता था, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था भी चरमरा गई थी। अराजकता, दंगे, आतंकवाद और गुंडागर्दी चरम पर थी।
निवेश और विकास की नई दिशा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भ्रष्टाचार पूर्ण भर्ती ने न्यायालय को हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर कर दिया था। एक परिवार और एक पार्टी के कारण पूरी 20 करोड़ जनता को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती थी। पहचान का संकट खड़ा हो गया था। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयासों से प्रदेश में रोजगार, निवेश और विकास की एक नई लहर आई है। जितनी भर्ती हमने उत्तर प्रदेश पुलिस बल में की है, उतना कुछ राज्यों की पूरी फोर्स भी नहीं है।
उन्होंने कहा, हमने केवल आठ वर्षों में वो कर दिखाया जो अन्य प्रदेश दशकों में नहीं कर पाए। अभी 30,000 और पुलिस पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। सीएम योगी ने कहा हमारी नीति स्पष्ट है, भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस।
आम नागरिक को सुरक्षा का एहसास हो, यही यूपी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश आज आजादी के अमृत काल में एक विकसित भारत की परिकल्पना के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर यह भारत अब किसी का गुलाम नहीं है। एक स्वतंत्र राष्ट्र है और इस स्वतंत्रता का एहसास हर नागरिक को होना चाहिए। इस एहसास को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी पुलिस बल की भी है। पुलिस को एक ओर जहां आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह होना है।

मुख्यमंत्री योगी ने जोर दिया कि महिलाओं की भागीदारी के बिना कोई भी विकास मॉडल पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस बल में न्यूनतम 20% महिला आरक्षण का लक्ष्य रखा गया था। इस बार भर्ती प्रक्रिया में लगभग 300 बालिकाओं का चयन सफलतापूर्वक हुआ है। यह पुलिस बल को और अधिक संवेदनशील और प्रभावशाली बनाएगा।
अग्निवीरों का भी किया जिक्र
सूबे के मुखिया ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ के तहत सेवा समाप्त कर लौटने वाले अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 20% हॉरिजॉन्टल आरक्षण की व्यवस्था दी जा रही है। यह निर्णय सुरक्षा बलों की गुणवत्ता और अनुशासन को नई ऊंचाई देगा। पुलिस की चुनौती कभी समाप्त नहीं होती। आज की सफलता कल की प्रतिस्पर्धा बन जाती है। बदलते समय और पीढ़ी के साथ पुलिस को नए कौशल, नई सोच और तकनीकी दक्षता के साथ स्वयं को तैयार करना होगा।
उन्होंने टेलीकॉम पुलिस के कुंभ जैसे आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। कहा कि कम्युनिकेशन यानी सूचना संप्रेषण किसी भी राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ होता है। विशेषकर उत्तर प्रदेश जैसे 25 करोड़ की आबादी वाले राज्य में।
टेलीकॉम पुलिस की भूमिका और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेलीकॉम पुलिस को पुलिस कम्युनिकेशन को बेहतर बनाकर शत-प्रतिशत सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करना चाहिए। जितनी तत्परता, सक्रियता और ईमानदारी से यह कार्य होगा, उत्तर प्रदेश पुलिस उतनी ही सशक्त और प्रभावी साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक 63 जनपदों में पुलिस दूरसंचार इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है। लक्ष्य है कि शीघ्र ही 75 के 75 जनपदों में यह इकाइयां कार्यरत हो जाएं। उन्होंने पुलिस दूरसंचार विभाग को निर्देश दिए कि इस कार्य में कोई ढिलाई न बरती जाए।
भर्ती प्रक्रिया बनी पारदर्शिता और ईमानदारी की मिसाल
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी इस बात के साक्षी हैं कि उन्हें न तो किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी, न ही किसी लेनदेन की। सरकार की यही प्रतिबद्धता रही है कि भर्ती पूरी तरह निष्पक्ष और योग्यता आधारित हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के लिए पुलिस बल के हर सदस्य को चाहिए कि वह कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और दक्षता के साथ कार्य करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त पुलिसकर्मी “एक समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत” की कल्पना को साकार करने में अपनी निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

63 जिलों में डिजिटलाइजेशन की व्यवस्था पूरी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि आज पारदर्शी व्यवस्था के तहत नियुक्ति पत्र मिल रहा है। नियुक्त होने वाले अभ्यर्थी तकनीकी रूप में उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए तकनीकी व्यवस्था के तहत कार्य करेंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग ने प्रदेश के 63 जनपदों में डिजिटलाइजेशन की व्यवस्था पूरी हो चुकी है।



Post Comment