Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बीते 24 नवंबर को जामा मस्जिद में दोबारा सर्वे के दौरान इलाके में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी। अब इस मामले में शुक्रवार (14 फरवरी) को पुलिस टीम की ओर से 74 उपद्रवियों को पोस्टर जामा मस्जिद की दीवारों पर लगाए गए। इस दौरान एसपी केके बिश्नोई, एएसपी श्रीशचंद्र और सीओ अनुज चौधरी के साथ भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
संभल कोतवाली पुलिस की तरफ से लगाई गए उपद्रवियों के पोस्टर को देखने के लिए आसपास के इलाकों के लोग पहुंचने लगे हैं। संभल के एएसपी श्रीश चंद्र ने बताया कि 24 नवंबर को संभल में जो हिंसात्मक घटना हुई थी, उस संबंध में 74 उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। CCTV के माध्यम से उनका घटना में सम्मलित होना पाया गया था। आज उनके पोस्टर लगाए जा रहे हैं ताकि उनकी पहचान हो सके।
#WATCH | Uttar Pradesh: Sambhal ASP Shirish Chandra says, "… So far, 76 accused have been arrested and jailed. Some accused were identified using CCTV, and some unknown accused are yet to be identified, for which posters have been put up… People have been asked to help the… https://t.co/hBMz2CBnJa pic.twitter.com/WaX8mCCyuR
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) February 14, 2025
बता दें कि उपद्रवियों द्वारा हिंसा के दौरान गाड़ियों में आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। संभल हिंसा मामले में पुलिस ने सात FIR दर्ज कर सपा सासंद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद के पुत्र सुहैल इकबाल सहित छह लोगों को नामजद और 3000 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ उपद्रव का मुकदमा दर्ज किया था।
76 आरोपियों को भेजा गया जेल
हिंसा के बाद से संभल पुलिस एसपी केके बिश्नोई और सीओ अनुज चौधरी पर गोली चलाने वाले आरोपियों और हिंसा के दौरान चार युवकों की गोली मारकर हत्या करने वाले दो आरोपियों सहित हिंसा में शामिल 76 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। संभल हिंसा के लिए गठित एसआईटी टीमों और संभल सदर कोतवाली पुलिस और नखासा थाना पुलिस ने घटनास्थल पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों से कई अन्य उपद्रवियों की पहचान की थी।
उपद्रवियों का नाम बताने वाले को मिलेगा इनाम
पुलिस टीम की तरफ से पोस्टर में साफ तौर पर लिखा गया है कि 24 नवंबर को हुई हिंसा में शामिल उपद्रवियों की फोटो के जरिए पहचान बताने वालों को इनाम से पुरस्कृत किया जाएगा। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के फोटो सार्वजनिक किए जाने को लेकर एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।