लखनऊ: राजधानी के ईको गार्डेन में 69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि वे अपने आंदोलन को तेज करेंगे और खासकर पिछड़े और दलित समाज से आने वाले मंत्रियों और नेताओं के आवासों का घेराव करेंगे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट का जो फैसला आया है, उसका पालन इस शैक्षिक सत्र में किया जाना था, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। वहां भी सुनवाई को लेकर सरकार कोई पहल नहीं कर रही है। शैक्षिक सत्र खत्म होने में एक सप्ताह का समय रह गया है, लेकिन अब तक कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हो पाया है और न ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है।
25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
धरने का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी पिछले लगभग पांच वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। सरकार की लापरवाही से हम हताश और परेशान हैं। अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 25 मार्च को होनी है और अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार त्वरित कार्रवाई करे, जिससे प्रकरण का शीघ्र निस्तारण हो सके। अन्यथा, वे अपना आंदोलन और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। धरने में रवि शंकर, हसीन हिंदुस्तानी, आनंद चौधरी समेत अन्य अभ्यर्थी भी शामिल थे।